यूपी में नदियां उफान पर, एक हफ्ते में 10 फीट बढ़ा गंगा का जलस्तर, 75 जिलों में बारिश अलर्ट
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश का असर अब प्रदेशभर में साफ दिखाई देने लगा है। पिछले 10 दिनों की बारिश के बाद कई नदियां उफान पर हैं, जिससे कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। मौसम विभाग ने बुधवार को प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि 10 जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
लखीमपुर खीरी में शारदा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। नदी का पानी किनारे बसे गांवों में घुसने लगा है। हालात ऐसे हैं कि कई इलाकों में खेतों और सड़कों पर मगरमच्छ दिखाई देने से लोगों में दहशत का माहौल है।
वहीं सोनभद्र में घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने से जिला जेल को जोड़ने वाली सड़क बह गई है, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ है।
वाराणसी में गंगा का जलस्तर बीते एक सप्ताह में करीब 10 फीट बढ़ चुका है। इसके चलते अस्सी घाट से नमो घाट तक लगभग 50 छोटे-बड़े मंदिर जलमग्न हो गए हैं। वहीं प्रयागराज में भी कई घाटों की सीढ़ियां गंगा के बढ़ते जलस्तर में डूब गई हैं।
बुधवार सुबह से लखनऊ, कानपुर, बाराबंकी समेत कई शहरों में बादलों की आवाजाही बनी हुई है। कई स्थानों पर हल्की धूप निकलने के साथ रुक-रुक कर बारिश हो रही है।
इससे पहले मंगलवार को लखनऊ, प्रयागराज समेत 74 जिलों में बारिश दर्ज की गई। उन्नाव में तेज हवा के दौरान एक पेड़ चलती बाइक पर गिर गया, जिससे युवक की गर्दन टूट गई और उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
लखनऊ स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र के कमजोर पड़ने के कारण पिछले तीन-चार दिनों में प्रदेश में व्यापक बारिश हुई। अब मानसूनी ट्रफ दक्षिण की ओर खिसक रही है, जिससे आज दक्षिणी जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। उन्होंने बताया कि गुरुवार से बारिश की गतिविधियों में कमी आएगी, लेकिन करीब तीन दिन के अंतराल के बाद 26 जुलाई से मानसून एक बार फिर सक्रिय होगा और प्रदेश में बारिश का दौर फिर तेज हो जाएगा।