UP के स्कूलों में बढ़ी गर्मी की छुट्टियां, अब 24 जून तक बंद रहेंगे बेसिक विद्यालय
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने बेसिक शिक्षा परिषद और मान्यता प्राप्त विद्यालयों में ग्रीष्मावकाश को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब प्रदेश के परिषदीय एवं मान्यता प्राप्त स्कूलों में हर वर्ष 20 मई से 24 जून तक गर्मी की छुट्टियां रहेंगी। पहले यह अवकाश 15 जून तक निर्धारित था।
बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा द्वारा जारी आदेश के अनुसार नई व्यवस्था के तहत प्रदेश के सभी बेसिक विद्यालय 25 जून से नियमित रूप से संचालित होंगे। हालांकि शिक्षकों, शिक्षा मित्रों, अनुदेशकों और अन्य कर्मचारियों को 22, 23 और 24 जून को विद्यालय पहुंचकर नए सत्र की तैयारियां पूरी करनी होंगी।
मंगलवार को ही परिषदीय और उच्च प्राथमिक विद्यालयों की छुट्टियां समाप्त हुई थीं। स्कूल खुलने पर कई स्थानों पर बच्चों का रोली-टीका लगाकर स्वागत किया गया। वहीं सरकार के नए आदेश के बाद अब अगले शैक्षणिक सत्र से विस्तारित ग्रीष्मावकाश लागू होगा।
बच्चों के आने से पहले होंगी जरूरी तैयारियां
शिक्षकों को विद्यालय खुलने से पहले परिसर, शौचालय और रसोईघर की साफ-सफाई सुनिश्चित करनी होगी। इसके साथ ही मिड-डे मील की व्यवस्था, पाठ्यपुस्तकों का वितरण, लेसन प्लान तैयार करना, पेयजल एवं बिजली व्यवस्था दुरुस्त करना, बाल वाटिका, स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब को संचालित करने योग्य बनाना तथा खेल सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
योग दिवस पर होगा सामूहिक योगाभ्यास
सरकार ने विद्यालय शिक्षा समिति की बैठक आयोजित कर जनसहभागिता बढ़ाने पर भी जोर दिया है। 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर विद्यालयों में शिक्षक और छात्र सामूहिक योगाभ्यास करेंगे।
220 शिक्षण दिवस सुनिश्चित करने के निर्देश
अपर मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों और मंडलायुक्तों को निर्देश दिया है कि स्थानीय स्तर पर अतिरिक्त अवकाश घोषित करने से पहले शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित किया जाए। अधिनियम के अनुसार प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में एक शैक्षणिक सत्र के दौरान न्यूनतम 220 शिक्षण दिवस होना अनिवार्य है।
सरकार के इस निर्णय का शिक्षक संगठनों और अभिभावकों ने स्वागत किया है। उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने कहा कि ग्रीष्मावकाश बढ़ाने का फैसला बच्चों के हित में है। इससे विद्यार्थियों को भीषण गर्मी और लू से राहत मिलेगी तथा विद्यालयों को भी नए सत्र की तैयारियों के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा।