UP कैबिनेट बैठक आज: स्टार्टअप नीति से लेकर होमगार्डों के फ्री इलाज तक, 21 से अधिक प्रस्तावों पर लग सकती है मुहर
उत्तर प्रदेश सरकार की अहम कैबिनेट बैठक सोमवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में उनके सरकारी आवास पर आयोजित होगी। इस बैठक में 21 से अधिक महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा और मंजूरी मिलने की संभावना है।
होमगार्डों को मिल सकता है बड़ा तोहफा
बैठक का सबसे बड़ा प्रस्ताव प्रदेश के करीब 1.60 लाख होमगार्डों और उनके आश्रितों को ₹5 लाख तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने का है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद होमगार्ड और उनके परिवार सूचीबद्ध अस्पतालों में मुफ्त इलाज का लाभ उठा सकेंगे।
नई स्टार्टअप नीति पर भी फैसला संभव
कैबिनेट में उत्तर प्रदेश की नई स्टार्टअप नीति को भी मंजूरी मिल सकती है। सरकार का उद्देश्य प्रदेश में नवाचार, निवेश और रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा देना है।
जलालाबाद का नाम बदलने का प्रस्ताव
बैठक में शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद का नाम बदलकर 'परशुरामपुरी' करने का प्रस्ताव भी रखा जा सकता है। इसके अलावा प्रदेश के तीन जिलों में नए विश्वविद्यालय स्थापित करने संबंधी प्रस्ताव पर भी विचार होने की संभावना है।
शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए दुर्घटना बीमा
कैबिनेट में परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए ₹1 करोड़ तक के दुर्घटना बीमा का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। वहीं, अनुदानित अरबी-फारसी मदरसों के शिक्षकों को सेवा अवधि के दौरान असामयिक निधन की स्थिति में ग्रेच्युटी भुगतान संबंधी प्रस्ताव पर भी निर्णय लिया जा सकता है।
वेतन समिति और नगर निकायों से जुड़े प्रस्ताव
बैठक में वेतन समिति-2016 की सिफारिशों को मंजूरी दिए जाने की संभावना है। साथ ही गोरखपुर और मुरादाबाद नगर निगमों को म्यूनिसिपल बॉन्ड जारी करने तथा गोरखपुर में 100 बेड के अस्पताल के लिए भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर भी फैसला हो सकता है।
वाराणसी रोपवे और अन्य योजनाओं पर भी चर्चा
वाराणसी में रोपवे पायलट परियोजना के लिए भूमि वाराणसी विकास प्राधिकरण को उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी कैबिनेट के एजेंडे में शामिल है। इसके अलावा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), पंचायती राज विभाग की संचालन एवं अनुरक्षण नीति तथा उत्तर प्रदेश परिवीक्षा अधिकारी राजपत्रित सेवा नियमावली-2026 में संशोधन से जुड़े प्रस्तावों पर भी विचार किया जाएगा।
योगी सरकार की इस कैबिनेट बैठक पर सभी की नजरें टिकी हैं, क्योंकि इसमें लिए जाने वाले कई फैसले प्रदेश के कर्मचारियों, होमगार्डों, शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत ढांचे से जुड़े महत्वपूर्ण बदलावों का रास्ता खोल सकते हैं।