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UP MLC Election 2026: BJP ने घोषित किए 5 उम्मीदवार, लखनऊ से अवनीश तो आगरा से मानवेंद्र फिर मैदान में

 

उत्तर प्रदेश में होने वाले विधान परिषद (MLC) चुनाव 2026 को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दी है। रविवार शाम केंद्रीय चुनाव समिति की मंजूरी के बाद पार्टी महासचिव अरुण कुमार सिंह ने 5 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया।

भाजपा ने 2 स्नातक और 3 शिक्षक सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। खास बात यह है कि पार्टी ने सभी मौजूदा एमएलसी पर ही दोबारा भरोसा जताया है।

भाजपा के घोषित उम्मीदवार


लखनऊ स्नातक सीट – इंजीनियर अवनीश कुमार सिंह पटेल
आगरा स्नातक सीट – डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह
बरेली-मुरादाबाद शिक्षक सीट – डॉ. हरि सिंह ढिल्लो
लखनऊ शिक्षक सीट – उमेश कुमार द्विवेदी
मेरठ शिक्षक सीट – श्रीचंद्र शर्मा

बताया जा रहा है कि इन नेताओं को करीब छह महीने पहले ही टिकट मिलने के संकेत मिल चुके थे। इसी वजह से सभी प्रत्याशियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में चुनावी तैयारी और वोटर संपर्क अभियान शुरू कर दिया था।

अवनीश सिंह पटेल पर फिर भरोसा

लखनऊ स्नातक सीट से भाजपा ने एक बार फिर इंजीनियर अवनीश सिंह पटेल को उम्मीदवार बनाया है। अवनीश को जलशक्ति मंत्री Swatantra Dev Singh का करीबी माना जाता है। कुर्मी समाज में उनकी मजबूत पकड़ है और पार्टी उन्हें पिछड़े वर्ग की नई नेतृत्वकारी छवि के रूप में आगे बढ़ा रही है।

ABVP से राजनीति में आए डॉ. मानवेंद्र

आगरा स्नातक सीट से प्रत्याशी बनाए गए डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह छात्र राजनीति से निकले नेता हैं। उन्होंने Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad (ABVP) से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी। वे भाजपा ब्रज क्षेत्र के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। वर्तमान में वे केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की अल्पसंख्यक शिक्षा निगरानी समिति के सदस्य हैं।

हरि सिंह ढिल्लो को फिर मौका

बरेली-मुरादाबाद शिक्षक सीट से डॉ. हरि सिंह ढिल्लो को दोबारा टिकट मिला है। वे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष Bhupendra Singh Chaudhary के समधी हैं। सिख और जाट सिख समुदाय के साथ-साथ वित्तविहीन शिक्षकों में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है।

शिक्षक राजनीति में मजबूत पकड़

लखनऊ शिक्षक सीट से उमेश कुमार द्विवेदी को भाजपा ने फिर मौका दिया है। वे वित्तविहीन शिक्षकों की आवाज उठाने के लिए जाने जाते हैं और शिक्षक संगठनों में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। वहीं मेरठ शिक्षक सीट से श्रीचंद्र शर्मा को दोबारा मैदान में उतारा गया है। उन्होंने 2020 के चुनाव में लंबे समय तक प्रभाव रखने वाले शिक्षक नेता ओमप्रकाश शर्मा को हराकर बड़ी जीत दर्ज की थी।

विधानसभा चुनाव से पहले अहम मुकाबला

दिसंबर 2026 में होने वाले शिक्षक और स्नातक क्षेत्र की 11 विधान परिषद सीटों के चुनाव को 2027 विधानसभा चुनाव से पहले काफी अहम माना जा रहा है। फिलहाल इन 11 सीटों में से 6 भाजपा, 3 समाजवादी पार्टी, 1 शिक्षक दल और 1 निर्दलीय के पास है।

विधान परिषद में वर्तमान संख्या बल की बात करें तो भाजपा के 79 सदस्य हैं, जबकि समाजवादी पार्टी के 10 सदस्य हैं। भाजपा की सहयोगी दलों में अपना दल (एस), रालोद, निषाद पार्टी और सुभासपा के एक-एक सदस्य शामिल हैं।

सपा भी पहले कर चुकी है उम्मीदवारों का ऐलान

समाजवादी पार्टी करीब सात महीने पहले ही 10 उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी है। पार्टी ने कई मौजूदा सदस्यों को फिर से टिकट दिया है। इनमें मिर्जापुर-वाराणसी शिक्षक सीट से लाल बिहारी यादव, इलाहाबाद-झांसी स्नातक सीट से मान सिंह यादव और वाराणसी-मिर्जापुर स्नातक सीट से आशुतोष सिन्हा शामिल हैं।

इसके अलावा मेरठ-सहारनपुर स्नातक सीट से प्रमेन्द्र भाटी और आगरा-अलीगढ़ सीट से डॉ. प्रकाश चंद्र गुप्ता को मैदान में उतारा गया है। अब भाजपा और सपा के बीच एमएलसी चुनाव को लेकर मुकाबला और दिलचस्प होने की उम्मीद है।