UP Voter List 2027: यूपी में मतदाता सूची का कार्यक्रम बदला, अब 17 नवंबर को जारी होगी ड्राफ्ट लिस्ट
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR-2027) का कार्यक्रम बदल दिया गया है। भारत निर्वाचन आयोग ने संशोधित कार्यक्रम को मंजूरी दे दी है। इसके तहत अब एकीकृत प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन 12 नवंबर की जगह 17 नवंबर 2026 को किया जाएगा।
नई समय-सारिणी के मुताबिक, 17 नवंबर से 16 दिसंबर 2026 तक मतदाताओं को सूची में अपना नाम जुड़वाने, किसी अपात्र व्यक्ति का नाम हटवाने और व्यक्तिगत विवरण में सुधार कराने का मौका मिलेगा। वहीं, प्राप्त दावों और आपत्तियों का निस्तारण 28 दिसंबर तक किया जाएगा। इसके बाद 4 जनवरी 2027 को प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी।
निर्वाचन आयोग ने जारी किया संशोधित कार्यक्रम
भारत निर्वाचन आयोग ने 6 नवंबर को उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची पुनरीक्षण के कार्यक्रम में बदलाव को मंजूरी दी। इसके बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से सभी संबंधित अधिकारियों को संशोधित समय-सारिणी के अनुसार तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके साथ ही राजनीतिक दलों को भी नए कार्यक्रम की जानकारी उपलब्ध कराने और मतदाता पुनरीक्षण अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा गया है, ताकि अधिक से अधिक पात्र मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा सकें।
17 नवंबर से 16 दिसंबर तक मिलेगा आवेदन का मौका
संशोधित कार्यक्रम के तहत 17 नवंबर को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित होते ही दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। यह प्रक्रिया 16 दिसंबर 2026 तक चलेगी।
इस दौरान मतदाता तीन प्रमुख काम करा सकेंगे। पहला, जिन पात्र लोगों का नाम मतदाता सूची में नहीं है, वे अपना नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकेंगे। दूसरा, सूची में दर्ज अपात्र नामों को हटवाने के लिए आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। तीसरा, नाम, पता और अन्य व्यक्तिगत विवरणों में गलती होने पर सुधार के लिए आवेदन कर सकेंगे।
28 दिसंबर तक निपटाए जाएंगे दावे और आपत्तियां
मतदाताओं की ओर से प्राप्त आवेदनों और आपत्तियों की जांच के बाद उनका निस्तारण किया जाएगा। इसके लिए 28 दिसंबर 2026 की समय-सीमा तय की गई है। सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद 4 जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी जाएगी।
मतदान केंद्रों के पुनर्गठन की तारीख में बदलाव नहीं
मतदाता सूची पुनरीक्षण के कार्यक्रम में बदलाव के बावजूद मतदान केंद्रों के युक्तिकरण और पुनर्व्यवस्थापन की समय-सीमा पहले जैसी ही रखी गई है। इसके लिए 2 नवंबर 2026 की तारीख निर्धारित है। मतदान केंद्रों के पुनर्गठन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद संशोधित केंद्रों के आधार पर ही प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
ये है यूपी में मतदाता सूची पुनरीक्षण का नया शेड्यूल
- 2 नवंबर 2026: मतदान केंद्रों का युक्तिकरण और पुनर्व्यवस्थापन पूरा करने की तारीख।
- 17 नवंबर 2026: एकीकृत प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन।
-17 नवंबर से 16 दिसंबर 2026: नाम जुड़वाने, हटवाने और विवरण में सुधार के लिए दावे-आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि।
- 28 दिसंबर 2026: दावे और आपत्तियों के निस्तारण की अंतिम तारीख।
- 4 जनवरी 2027: अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन।
मतदाताओं के लिए क्यों जरूरी है यह प्रक्रिया?
उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में मतदाता सूची का सही और अपडेट होना बेहद जरूरी है। जिन युवाओं की उम्र निर्धारित पात्रता तिथि तक 18 वर्ष हो रही है या जिनका नाम अभी तक मतदाता सूची में शामिल नहीं है, उन्हें पुनरीक्षण के दौरान आवेदन का मौका मिलेगा।
इसके अलावा जिन मतदाताओं के नाम, पते या अन्य जानकारियों में गलती है, वे भी निर्धारित अवधि में सुधार करा सकते हैं। इसलिए मतदाताओं को सलाह है कि प्रारूप सूची जारी होने के बाद अपना नाम और विवरण जरूर जांच लें, ताकि चुनाव के समय मतदान करने में किसी तरह की परेशानी न हो।