UP Weather Alert: यूपी में मानसून होगा और एक्टिव, वाराणसी, जौनपुर समेत आज कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने प्रदेश के मौसम को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार 27 जुलाई को मानसून की गतिविधियां और तेज होंगी, जिसके चलते राज्य के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।
IMD लखनऊ के मुताबिक पूर्वी उत्तर प्रदेश के ज्यादातर स्थानों और पश्चिमी यूपी के कुछ इलाकों में बारिश और बौछारें पड़ने की संभावना है। बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन 27 जुलाई को और मजबूत होकर पश्चिम बंगाल-ओडिशा तट की ओर बढ़ सकता है। इसके प्रभाव से उत्तर प्रदेश में बारिश का दौर तेज होने की संभावना जताई गई है।
पूर्वांचल के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने और तेज गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।
पूर्वांचल के वाराणसी, गाजीपुर, चंदौली, जौनपुर, प्रयागराज, प्रतापगढ़, कौशांबी, मिर्जापुर, सोनभद्र, गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, बलिया, मऊ, आजमगढ़, बस्ती, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, अयोध्या, बाराबंकी, सुल्तानपुर, अंबेडकरनगर और अमेठी समेत कई जिलों में मौसम खराब रह सकता है।
पश्चिमी यूपी में भी बारिश के आसार
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी बारिश और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बागपत, गाजियाबाद, नोएडा, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर, फर्रुखाबाद और एटा समेत आसपास के इलाकों में मौसम बदल सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी यूपी में कुछ जगहों पर भारी बारिश भी हो सकती है।
बारिश के बाद तापमान में गिरावट की संभावना
IMD के अनुसार अगले 24 घंटे में प्रदेश के अधिकतम तापमान में करीब 2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, इसके बाद बारिश की गतिविधियां बढ़ने से अगले तीन दिनों में तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने का अनुमान है।
पिछले 24 घंटों में लखीमपुर खीरी में सबसे अधिक 37 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जबकि हरदोई में न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहा।
लोगों को सावधानी बरतने की सलाह
मौसम विभाग ने लोगों को गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है। जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने और गैरजरूरी यात्राओं से बचने की अपील की गई है।
खासकर पूर्वांचल के जिलों में तेज बारिश के कारण सड़कों पर जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। प्रशासन और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।