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UP Weather : पूर्वांचल में उमस और गर्मी का डबल अटैक, आज वाराणसी, मिर्जापुर समेत कई जिलों में बारिश के आसार

 

प्रदेश में मौसम लगातार करवट बदल रहा है। वातावरण में मौजूद नमी और गर्म पछुआ हवाओं के प्रभाव से आसमान में आंशिक बादल छाए रहने और कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी की संभावना बनी हुई है। हालांकि मौसम विभाग द्वारा जारी येलो अलर्ट के बावजूद शुक्रवार को वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में बारिश नहीं हुई।

मौसम विभाग ने वाराणसी समेत आसपास के जिलों के लिए गरज-चमक के साथ छिटपुट वर्षा की संभावना जताई थी। अब शनिवार की दोपहर बाद कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी हो सकती है, लेकिन इसके आसार भी कमजोर माने जा रहे हैं। बढ़ते तापमान के साथ वातावरण में नमी लगातार घट रही है, जिससे बारिश की संभावना कम होती जा रही है।

पुरवा हवा के बिना नहीं बनेगा बारिश का सिस्टम

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार जब तक पुरवा हवा का दबाव नहीं बनेगा और वातावरण में पर्याप्त नमी नहीं पहुंचेगी, तब तक बादलों के घने होने और अच्छी बारिश की संभावना नहीं है। वर्तमान में नमी का स्तर 58 प्रतिशत से घटकर 42 प्रतिशत तक पहुंच गया है।

इसी वजह से शुक्रवार को बादलों की मौजूदगी के बावजूद तापमान में खास कमी नहीं आई। Banaras Hindu University क्षेत्र में अधिकतम तापमान 0.2 डिग्री सेल्सियस बढ़कर सामान्य से 2 डिग्री अधिक दर्ज किया गया।

तापमान में लगातार बढ़ोतरी

बीएचयू क्षेत्र में न्यूनतम तापमान 0.5 डिग्री सेल्सियस बढ़कर 28.4 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जो सामान्य से 0.7 डिग्री अधिक रहा।

वहीं Lal Bahadur Shastri International Airport (बाबतपुर) क्षेत्र में अधिकतम तापमान 0.9 डिग्री सेल्सियस बढ़कर 41.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.8 डिग्री अधिक है। यहां न्यूनतम तापमान 0.2 डिग्री सेल्सियस घटकर 27 डिग्री सेल्सियस रहा।

तीन-चार दिनों में बन सकती है हीटवेव की स्थिति

बीएचयू के मौसम विज्ञानी मनोज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि वातावरण में नमी तेजी से कम हो रही है। यदि शनिवार को हल्की बूंदाबांदी हो जाती है तो कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन यदि बारिश नहीं हुई तो रविवार से आसमान साफ होने लगेगा और तापमान में और बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी।

उन्होंने कहा कि बंगाल की खाड़ी में फिलहाल कोई सक्रिय मौसमी प्रणाली विकसित नहीं हो रही है, जिसके कारण पुरवा हवा चलने की संभावना भी कम है। ऐसे में अगले तीन से चार दिनों के भीतर पूर्वांचल के कई इलाकों में तापलहर (हीटवेव) जैसी स्थिति बन सकती है। लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी गई है।