वृंदावन नाव हादसा: तीसरे दिन भी रेस्क्यू जारी, मौत का आंकड़ा 13 पहुंचा, 3 अब भी लापता
Apr 12, 2026, 10:45 IST
मथुरा: उत्तर प्रदेश के वृंदावन में हुए दर्दनाक नाव हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। अब तक 22 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया जा चुका है, जबकि 3 श्रद्धालु अभी भी लापता हैं। रविवार को तीसरे दिन भी राहत और बचाव अभियान जारी है।
हादसा Vrindavan के केसी घाट पर हुआ था, जो Banke Bihari Temple से करीब 2 किलोमीटर दूर है। प्रशासन ने लापता लोगों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन का दायरा 14 किमी से बढ़ाकर 20 किमी कर दिया है।
तीसरे दिन भी जारी रेस्क्यू
सेना, NDRF और SDRF समेत करीब 250 लोगों की टीम लगातार यमुना नदी में सर्च ऑपरेशन चला रही है। रविवार सुबह दो और शव बरामद किए गए, जिनकी पहचान पंजाब के लुधियाना निवासी डिंकी और जगराओं के ऋषभ शर्मा के रूप में हुई है। प्रशासन के अनुसार, शव फूलकर नदी की सतह पर आ गए थे, जिन्हें रस्सी की मदद से बाहर निकाला गया।
पहले भी मिला था शव
शनिवार को भी सर्च ऑपरेशन के दौरान पंजाब के मानिक टंडन का शव देवरहा बाबा घाट के पास मिला था। बताया जा रहा है कि उनकी सगाई हो चुकी थी और कुछ महीनों बाद शादी होने वाली थी। बेटे का शव देखकर परिवार में कोहराम मच गया।
कैसे हुआ हादसा?
यह हादसा शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे हुआ, जब 38 श्रद्धालुओं से भरी नाव अचानक पलट गई। नाव जुगल घाट से रवाना हुई थी और बीच नदी में संतुलन बिगड़ने से हादसा हो गया।
पुलिस ने इस मामले में आरोपी नाविक पप्पू निषाद और पांटून पुल के ठेकेदार नारायण शर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है।
हादसा Vrindavan के केसी घाट पर हुआ था, जो Banke Bihari Temple से करीब 2 किलोमीटर दूर है। प्रशासन ने लापता लोगों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन का दायरा 14 किमी से बढ़ाकर 20 किमी कर दिया है।
तीसरे दिन भी जारी रेस्क्यू
सेना, NDRF और SDRF समेत करीब 250 लोगों की टीम लगातार यमुना नदी में सर्च ऑपरेशन चला रही है। रविवार सुबह दो और शव बरामद किए गए, जिनकी पहचान पंजाब के लुधियाना निवासी डिंकी और जगराओं के ऋषभ शर्मा के रूप में हुई है। प्रशासन के अनुसार, शव फूलकर नदी की सतह पर आ गए थे, जिन्हें रस्सी की मदद से बाहर निकाला गया।
पहले भी मिला था शव
शनिवार को भी सर्च ऑपरेशन के दौरान पंजाब के मानिक टंडन का शव देवरहा बाबा घाट के पास मिला था। बताया जा रहा है कि उनकी सगाई हो चुकी थी और कुछ महीनों बाद शादी होने वाली थी। बेटे का शव देखकर परिवार में कोहराम मच गया।
कैसे हुआ हादसा?
यह हादसा शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे हुआ, जब 38 श्रद्धालुओं से भरी नाव अचानक पलट गई। नाव जुगल घाट से रवाना हुई थी और बीच नदी में संतुलन बिगड़ने से हादसा हो गया।
पुलिस ने इस मामले में आरोपी नाविक पप्पू निषाद और पांटून पुल के ठेकेदार नारायण शर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है।