{"vars":{"id": "130921:5012"}}

वृंदावन नाव हादसा: 10 की मौत, 5 अब भी लापता, दूसरे दिन भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

 
मथुरा/वृंदावन: उत्तर प्रदेश के वृंदावन में यमुना नदी पर हुआ नाव हादसा दिल दहला देने वाला साबित हुआ है। इस हादसे में अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 22 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। हालांकि, अभी भी 5 लोग लापता हैं, जिनकी तलाश के लिए शनिवार को दूसरे दिन भी बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।

घटना केसी घाट की है, जहां शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे 37 श्रद्धालुओं से भरी नाव अचानक पलट गई। यह घाट बांके बिहारी मंदिर से करीब 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। हादसे में मरने वालों में एक ही परिवार के 7 सदस्य शामिल हैं, जिनमें मां-बेटा, चाचा-चाची और बुआ-फूफा भी शामिल हैं।

रेस्क्यू ऑपरेशन में सेना समेत करीब 250 जवान जुटे हुए हैं, जो 14 किलोमीटर के दायरे में लापता लोगों की तलाश कर रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक, यमुना नदी का तेज बहाव राहत कार्य में सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है। आशंका जताई जा रही है कि कुछ लोग बहकर दूर निकल गए होंगे, जबकि कुछ शव नदी की गाद और रेत में दब गए हो सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में 24 घंटे के बाद शव पानी की सतह पर आ सकते हैं।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हादसे वाली जगह पर करीब 25 फीट गहरा पानी था। नाव की क्षमता 40 लोगों की बताई जा रही है, लेकिन सुरक्षा के बुनियादी इंतजाम जैसे लाइफ जैकेट किसी भी यात्री को नहीं दिए गए थे। हादसे के वक्त आसपास मौजूद पांटून पुल पर काम कर रहे मजदूरों और अन्य नाविकों ने कुछ लोगों को बचाया, जिसके बाद प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू शुरू किया।

पुलिस ने इस मामले में आरोपी नाविक पप्पू निषाद को घटना के करीब 6 घंटे बाद रात 9 बजे हिरासत में ले लिया। बताया जा रहा है कि नाव उसी की थी और उसने श्रद्धालुओं को जुगल घाट से सवार कराया था। हादसे के बाद वह मौके से फरार हो गया था।

हादसे से जुड़े दो वीडियो भी सामने आए हैं। एक वीडियो नाव डूबने से करीब 15 मिनट पहले का है, जिसमें श्रद्धालु “राधे-राधे” का जप करते नजर आ रहे हैं, जबकि दूसरा वीडियो नाव पलटने के बाद लोगों के नदी में डूबने का है।

हादसे में बच गए एक युवक ने बताया कि नाव तट से करीब 50 फीट दूर थी, तभी तेज हवा चलने लगी। करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवा के कारण नाव डगमगाने लगी और नाविक का नियंत्रण छूट गया। यात्रियों ने नाविक को चेतावनी दी कि आगे पुल है, नाव रोक दी जाए, लेकिन उसने बात नहीं मानी। दो बार टकराव टल गया, लेकिन तीसरी बार नाव पुल से टकरा गई और पलट गई।