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नौ साल बाद बना विशेष संयोग, पूरे महीने होंगे बड़े धार्मिक आयोजन, निर्जला एकादशी पर निकलेगी बाबा विश्वनाथ की भव्य जलयात्रा

काशी में अधिकमास और शुद्ध ज्येष्ठ मास के दौरान व्रत-त्योहारों की शुरुआत होने जा रही है। 25 जून को निर्जला एकादशी पर बाबा विश्वनाथ की भव्य जलाभिषेक यात्रा निकलेगी। वट सावित्री व्रत, महेश नवमी, कबीर प्राकट्योत्सव और गायत्री जयंती समेत कई धार्मिक आयोजन पूरे महीने होंगे।
 

वाराणसी: धार्मिक नगरी काशी में अधिकमास और शुद्ध ज्येष्ठ मास के शेष दिनों के साथ अब व्रत और त्योहारों का सिलसिला शुरू होने जा रहा है। पुरुषोत्तम मास और ज्येष्ठ मास के दौरान पूरे महीने धार्मिक आयोजनों, पूजन, व्रत और शोभायात्राओं की धूम देखने को मिलेगी। खास तौर पर 25 जून को निर्जला एकादशी के अवसर पर श्रीकाशी विश्वनाथ की भव्य जलाभिषेक यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल होंगे।

भक्त बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक कर उन्हें लंगड़ा आम का विशेष भोग अर्पित करेंगे। वहीं दक्षिण भारतीय समाज का तीन दिवसीय वट सावित्री व्रत भी इसी महीने शुरू होगा।

नौ साल बाद ज्येष्ठ मास में पड़ा अधिकमास

इस बार नौ वर्षों बाद अधिकमास ज्येष्ठ मास में पड़ा है। यही कारण है कि इस बार ज्येष्ठ मास दो भागों में विभाजित माना जा रहा है। शुद्ध ज्येष्ठ मास की शुरुआत 2 मई से हुई थी, जबकि 17 मई से पुरुषोत्तम या अधिकमास प्रारंभ हुआ। अब अधिकमास और शुद्ध ज्येष्ठ मास के बचे हुए दिनों में कई प्रमुख धार्मिक पर्व और व्रत मनाए जाएंगे।

निर्जला एकादशी पर निकलेगी काशी की सबसे बड़ी जलयात्रा

काशी में ज्येष्ठ मास की निर्जला एकादशी पर शिवालयों में जलाभिषेक और विशाल जलयात्रा निकालने की परंपरा सदियों पुरानी है। इस दिन श्रद्धालु उपवास रखकर बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक करेंगे।

मारवाड़ी समाज, वैश्य समाज सहित कई धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं की ओर से गाजे-बाजे और भव्य झांकियों के साथ शोभायात्राएं निकाली जाएंगी। दशाश्वमेध घाट से लेकर श्रीकाशी विश्वनाथ धाम तक शहर की सबसे बड़ी जलयात्रा निकलेगी।

पूरे महीने होंगे बड़े धार्मिक आयोजन

ज्येष्ठ मास में रोहिणी व्रत, महेश नवमी, मां गायत्री प्रकटोत्सव, संत कबीर प्राकट्योत्सव समेत कई बड़े पर्व मनाए जाएंगे। पिछले महीने उत्तर भारतीय महिलाओं का वट सावित्री व्रत संपन्न हुआ था, जबकि अब दक्षिण भारतीय समाज में 27 जून से तीन दिनों तक वट सावित्री व्रत मनाया जाएगा।

3 जून से शुरू होंगे व्रत-त्योहार

अधिकमास और ज्येष्ठ मास के प्रमुख व्रत-त्योहारों की शुरुआत 3 जून से होगी। धार्मिक पंचांग के अनुसार:

  • 3 जून — गणेश चतुर्थी व्रत
  • 5 जून — पुरुषोत्तमी एकादशी
  • 12 जून — प्रदोष व्रत
  • 13 जून — शिव चतुर्दशी
  • 14 जून — अमावस्या, पितृ श्राद्ध, रोहिणी व्रत
  • 15 जून — सूर्य मिथुन संक्रांति, सोमवती अमावस्या
  • 16 जून — सौर आषाढ़ प्रारंभ, चंद्रदर्शन, शुद्ध ज्येष्ठ मास प्रारंभ
  • 17 जून — रंभा तीज व्रत, छत्रसाल जयंती
  • 21 जून — अंतरराष्ट्रीय योग दिवस
  • 22 जून — मां धूमावती प्रकटोत्सव
  • 23 जून — महेश नवमी
  • 24 जून — मां गायत्री प्रकटोत्सव
  • 25 जून — भीमसेनी निर्जला एकादशी, बाबा विश्वनाथ जलाभिषेक यात्रा
  • 27 जून — शनि प्रदोष, वट सावित्री व्रतारंभ, बड़ा महादेव पूजन
  • 29 जून — वट सावित्री पूर्णिमा, संत कबीर प्राकट्योत्सव

धार्मिक आयोजनों से गुलजार होगी काशी

पूरे महीने काशी के घाट, मंदिर और गलियां धार्मिक आयोजनों से गुलजार रहेंगी। बाबा विश्वनाथ धाम, दशाश्वमेध घाट, बड़ा महादेव मंदिर और अन्य प्रमुख शिवालयों में विशेष पूजन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अधिकमास और ज्येष्ठ मास में किए गए व्रत, दान, पूजा और जलाभिषेक का विशेष पुण्य प्राप्त होता है। इसी कारण देशभर से बड़ी संख्या में भक्त काशी पहुंचने लगे हैं।