Chaitra Navratri 2026 : नवरात्रि का दूसरा दिन है ब्रह्मचारिणीं देवी को समर्पित, दर्शन से पूरी होती है सभी मनोकामना
चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी और ज्येष्ठा गौरी की पूजा के लिए मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। मंगला आरती के साथ कपाट खुले और भक्तों ने नारियल, चुनरी व प्रसाद अर्पित कर सुख-समृद्धि व मनोकामना पूर्ति की कामना की।
Chaitra Navratri 2026 : चैत्र नवरात्र के दूसरे दिन श्रद्धालु मां भगवती के गौरी स्वरूपों में से ज्येष्ठा गौरी की पूजा-अर्चना कर रहे हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन ज्येष्ठा गौरी के दर्शन और पूजन से भक्तों की सभी शुभ इच्छाएं पूरी होती हैं। देवी पुराण में वर्णित है कि इनकी उपासना से व्यक्ति के हृदय में धार्मिक आस्था और भक्ति भाव बढ़ता है।
मां ब्रह्मचारिणी के दरबार में उमड़ी भीड़
शक्ति के उपासकों के लिए यह दिन विशेष होता है, क्योंकि वे मां ब्रह्मचारिणी की उपासना कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। मंदिर परिसर में भक्तगण भोर से ही लम्बी कतारों में खड़े होकर मां के दर्शन हेतु प्रतीक्षा कर रहे हैं।
मंगला आरती के साथ मंदिर कपाट खुले
ब्रह्म मुहूर्त में मंदिर के अर्चकों द्वारा मंगला आरती के पश्चात श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के कपाट खोल दिए गए। पूरे परिसर में भक्तों के ‘जय माता दी’ के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालु मां को नारियल, चुनरी और प्रसाद अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं।
मंदिर के महंत पंडित राजेश्वार सागर ने बताया कि मां ब्रह्मचारिणी के दर्शन से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। विद्यावन्तं यशस्वन्तं लक्ष्मीवन्तं जनं कुरु। रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि.. यानि- हे माँ! मुझे ज्ञानवान, यशस्वी और धनवान बनाओ। मुझे रूप, विजय और कीर्ति प्रदान करो और मेरे शत्रुओं (काम, क्रोध, आदि) का नाश करो।
मां के दर्शन करने और इस मंत्र का जाप करने से मनुष्य की आर्थिक स्थिति सुधरती है, व्यापार में वृद्धि होती है। शत्रु पिणा से परेशानी का नाश होता है। मां भग्वती को नारियल अति प्रिय है। इसलिए मंदिर में आने वाले भक्त नारियल जरूर चढ़ाते हैं।