Chaitra Navratri 2026 : चौथा दिन है श्रृंगार गौरी और मां कुष्मांडा देवी को समर्पित, काशी के इस क्षेत्र में है माता का मंदिर
वाराणसी। चैत्र नवरात्रि के चौथे दिन वाराणसी में मां श्रृंगार गौरी के दर्शन और पूजन के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है। भक्त माता के दरबार में श्रद्धा पूर्वक हाजिरी लगा रहे हैं। इसके साथ ही, शक्ति उपासक मां दुर्गा के कूष्मांडा स्वरूप के चरणों में शीश नवाकर सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं। दोनों ही मंदिरों में सुबह से ही दर्शन का सिलसिला जारी है, और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं।
श्रृंगार गौरी मंदिर: साल में एक दिन मिलता है दर्शन का अवसर
वाराणसी स्थित श्री काशी विश्वनाथ मंदिर और ज्ञानवापी मस्जिद के पीछे, ईशान कोण में मां श्रृंगार गौरी का मंदिर स्थित है। यहां देवी के दर्शन वर्षभर में केवल एक दिन वासंतिक नवरात्रि के दौरान ही संभव होते हैं। मां श्रृंगार गौरी का विग्रह ज्ञानवापी परिसर की दीवार के ताखे में स्थित है, जहां श्रद्धालु पूरे श्रद्धा-भाव से माता का पूजन-अर्चन करते हैं।
कूष्मांडा देवी के दर्शन से पूरी होती हैं मनोकामनाएं
शक्ति साधक और भक्तगण दुर्गाकुंड स्थित मां कूष्मांडा देवी के मंदिर में दर्शन-पूजन कर रहे हैं। मान्यता है कि मां कूष्मांडा के आशीर्वाद से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का संचार होता है।
श्रद्धालुओं की आस्था को देखते हुए मंदिर प्रशासन और सुरक्षा बलों ने विशेष प्रबंध किए हैं, ताकि भक्तजन आसानी से दर्शन कर सकें।