{"vars":{"id": "130921:5012"}}

Chaitra Navratri 2026 : तीसरा दिन है माता चंद्रघंटा और सौभाग्य गौरी को समर्पित, काशी में यहां स्थित है देवियों का मंदिर

 

वाराणसी। वासंतिक नवरात्र की तृतीया तिथि पर श्रद्धालु माता चंद्रघंटा और सौभाग्य गौरी के दर्शन-पूजन के लिए भोर से ही कतारबद्ध नजर आए। माता की मंगला आरती के साथ भक्तजन उनके दिव्य दर्शन कर कृतार्थ हो रहे हैं।



दर्शन से होती है सुख -समृद्धि की प्राप्ति

शक्ति साधना के इस पावन अवसर पर मान्यता है कि माता चंद्रघंटा के दर्शन मात्र से जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। भक्तजन माता के जयकारों से मंदिर क्षेत्र को गुंजायमान कर रहे हैं।

सौभाग्य गौरी का विग्रह विश्वनाथ मंदिर के समीप ज्ञानवापी स्थित सत्यनारायण मंदिर परिसर में प्रतिष्ठित है, जबकि माता चंद्रघंटा का मंदिर चौक क्षेत्र की चंद्रघंटा गली में स्थित है। कहा जाता है कि देवी के दर्शन सौभाग्य वृद्धि का कारण बनते हैं और यदि कोई 108 दिनों तक लगातार पूजन करता है, तो उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

नवरात्र के अवसर पर मंदिरों को भव्य रूप से सजाया गया है। श्रद्धालु माता चंद्रघंटा और सौभाग्य गौरी की कृपा प्राप्त करने के लिए उमड़ पड़े हैं। आस्था है कि इन देवियों के दर्शन मात्र से जीवन मंगलमय और सफल हो जाता है।