Dhanteras 2026: सोना खरीदने के लिए कब से कब तक रहेगा शुभ मुहूर्त? यहां देखें पूजा का समय और चौघड़िया
धनतेरस 2026 का त्योहार 6 नवंबर को मनाया जाएगा। जानिए सोना-चांदी खरीदने का शुभ मुहूर्त, लक्ष्मी-कुबेर पूजा का समय, त्रयोदशी तिथि और दिनभर के चौघड़िया। साथ ही दिल्ली, मुंबई, पुणे, जयपुर, चेन्नई समेत प्रमुख शहरों में धनतेरस पूजा का शुभ समय भी यहां जानें।
धनतेरस का त्योहार इस साल 6 नवंबर 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। इस दिन माता लक्ष्मी, कुबेर देव और भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है। धनतेरस पर सोना-चांदी और नए बर्तन खरीदने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन खरीदी गई वस्तुओं से घर में सुख-समृद्धि आती है। अगर आप भी धनतेरस पर सोना खरीदने या पूजा करने की तैयारी कर रहे हैं, तो यहां जानिए त्रयोदशी तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त, सोना खरीदने का समय और शहरों के अनुसार पूजा मुहूर्त।
धनतेरस 2026 की तिथि और पूजा का शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 6 नवंबर 2026 को सुबह 10 बजकर 30 मिनट पर शुरू होगी। इसका समापन 7 नवंबर को सुबह 10 बजकर 47 मिनट पर होगा।
धनतेरस पर प्रदोष काल शाम 5 बजकर 33 मिनट से रात 8 बजकर 9 मिनट तक रहेगा। वहीं, पूजा के लिए शुभ समय शाम 6 बजकर 2 मिनट से रात 7 बजकर 57 मिनट तक निर्धारित है।
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धनतेरस: 6 नवंबर 2026, शुक्रवार
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त्रयोदशी तिथि प्रारंभ: 6 नवंबर, सुबह 10:30 बजे
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त्रयोदशी तिथि समाप्त: 7 नवंबर, सुबह 10:47 बजे
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प्रदोष काल: शाम 5:33 बजे से रात 8:09 बजे तक
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धनतेरस पूजा मुहूर्त: शाम 6:02 बजे से रात 7:57 बजे तक
धनतेरस पर सोना खरीदने का शुभ मुहूर्त
धनतेरस के दिन सोना खरीदना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन सोना-चांदी और नई वस्तुओं की खरीदारी करने से समृद्धि आती है। साल 2026 में सोना खरीदने का शुभ समय 6 नवंबर को सुबह 10 बजकर 30 मिनट से शुरू होकर 7 नवंबर को सुबह 6 बजकर 37 मिनट तक रहेगा।
धनतेरस 2026 के शुभ चौघड़िया मुहूर्त
धनतेरस के दिन खरीदारी और अन्य शुभ कार्यों के लिए अलग-अलग चौघड़िया मुहूर्त बताए गए हैं। इनका समय इस प्रकार है:
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प्रातः मुहूर्त (चर, लाभ, अमृत): सुबह 10:30 बजे से 10:43 बजे तक
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अपराह्न मुहूर्त (शुभ): दोपहर 12:05 बजे से 1:27 बजे तक
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अपराह्न मुहूर्त (चर): शाम 4:11 बजे से 5:33 बजे तक
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रात्रि मुहूर्त (लाभ): रात 8:49 बजे से 10:27 बजे तक
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रात्रि मुहूर्त (शुभ, अमृत, चर): 7 नवंबर की रात 12:05 बजे से सुबह 4:59 बजे तक
धनतेरस 2026: शहरों के अनुसार पूजा का शुभ मुहूर्त
धनतेरस पर पूजा के मुहूर्त का समय अलग-अलग शहरों में अलग हो सकता है। प्रमुख शहरों के लिए पूजा का शुभ समय इस प्रकार दिया गया है:
| शहर | पूजा का शुभ मुहूर्त |
|---|---|
| पुणे | शाम 6:32 से रात 8:31 बजे |
| नई दिल्ली | शाम 6:02 से रात 7:57 बजे |
| चेन्नई | शाम 6:14 से रात 8:10 बजे |
| जयपुर | शाम 6:11 से रात 8:07 बजे |
| हैदराबाद | शाम 6:15 से रात 8:13 बजे |
| गुरुग्राम | शाम 6:03 से रात 7:59 बजे |
| चंडीगढ़ | शाम 6:00 से रात 7:54 बजे |
| कोलकाता | शाम 5:28 से रात 7:26 बजे |
| मुंबई | शाम 6:35 से रात 8:35 बजे |
| बेंगलुरु | शाम 6:25 से रात 8:20 बजे |
| अहमदाबाद | शाम 6:30 से रात 8:28 बजे |
| नोएडा | शाम 6:01 से रात 7:57 बजे |
धनतेरस पर क्या खरीदना शुभ माना जाता है?
धनतेरस के दिन सोना-चांदी खरीदने के साथ कई अन्य चीजों की खरीदारी भी शुभ मानी जाती है। धार्मिक और पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन लोग घर और जरूरत के सामान की खरीदारी करते हैं। इस दिन इन चीजों को खरीदने की परंपरा है:
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सोने-चांदी के गहने और सिक्के
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पीतल के बर्तन
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झाड़ू
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नमक
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मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की मूर्तियां
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घर और जमीन
धनतेरस पर किन चीजों को खरीदने से बचने की मान्यता है?
धनतेरस पर कुछ वस्तुओं की खरीदारी को लेकर भी पारंपरिक मान्यताएं प्रचलित हैं। इनके अनुसार, इस दिन निम्नलिखित चीजें खरीदने से बचने की सलाह दी जाती है:
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चीनी मिट्टी से बनी वस्तुएं
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स्टील के बर्तन
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प्लास्टिक की चीजें
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कांच या शीशे का सामान
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लोहे का सामान
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काले रंग के कपड़े
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नुकीली चीजें
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एल्युमिनियम की वस्तुएं
धनतेरस पर क्यों होती है भगवान धन्वंतरि की पूजा?
धनतेरस को धन्वंतरि त्रयोदशी और धन्वंतरि जयंती के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान इसी दिन भगवान धन्वंतरि अमृत कलश के साथ प्रकट हुए थे। भगवान धन्वंतरि को आयुर्वेद का देवता और देवताओं का वैद्य माना जाता है। इस दिन माता लक्ष्मी और कुबेर देव की पूजा भी की जाती है।