काशी विश्वनाथ धाम की सुरक्षा होगी और मजबूत, ब्लाइंड स्पॉट्स पर लगेंगे नए हाईटेक कैमरे
वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर और विश्वनाथ धाम कॉरिडोर की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। मंदिर परिसर में पहले से लगे एआई आधारित कैमरों और आधुनिक सुरक्षा उपकरणों के बावजूद कुछ चिन्हित ब्लाइंड स्पॉट्स पर नए अत्याधुनिक कैमरे लगाने की योजना बनाई गई है।
मंदिर की स्थायी सुरक्षा समिति ने इस संबंध में प्रस्ताव तैयार किया है। हालांकि यह मामला पहले से ही शासन स्तर पर विचाराधीन है। वर्तमान में मंदिर परिसर और कॉरिडोर क्षेत्र में कुल 325 सीसीटीवी कैमरे सक्रिय रूप से निगरानी कर रहे हैं।
सुरक्षा समिति ने चिन्हित किए ब्लाइंड स्पॉट
एसडीएम शंभू शरण ने बताया कि मंदिर प्रशासन सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर का अधिकांश हिस्सा पहले से सीसीटीवी और एआई आधारित निगरानी प्रणाली के दायरे में है, लेकिन श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए कुछ स्थानों पर अतिरिक्त कैमरों की जरूरत महसूस की गई है।
उन्होंने बताया कि सुरक्षा समिति ने ऐसे क्षेत्रों की पहचान की है, जहां निगरानी को और मजबूत करने की आवश्यकता है। इसी आधार पर नए कैमरे लगाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है, ताकि बेहतर तकनीक के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा सके।
भीषण गर्मी में भी उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़
उत्तर भारत में पड़ रही भीषण गर्मी का असर बाबा विश्वनाथ के भक्तों की आस्था पर दिखाई नहीं दे रहा है। मंदिर प्रशासन के अनुसार इन दिनों प्रतिदिन करीब डेढ़ से दो लाख श्रद्धालु बाबा के दर्शन करने पहुंच रहे हैं।
वहीं शनिवार और रविवार को श्रद्धालुओं की संख्या बढ़कर दो से ढाई लाख तक पहुंच जाती है। लगातार बढ़ती भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन व्यवस्था को लगातार अपडेट किया जा रहा है।
चार साल में 30 करोड़ श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
दिसंबर 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर के उद्घाटन के बाद से यहां श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
मंदिर प्रशासन के अनुसार पिछले चार वर्षों में करीब 30 करोड़ श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर चुके हैं। वहीं बीते एक वर्ष में 137 देशों के नागरिकों ने भी काशी पहुंचकर बाबा के दरबार में मत्था टेका है, जो विश्व स्तर पर काशी की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है।
भीड़ बढ़ने पर लागू होती हैं ये विशेष व्यवस्थाएं
- श्रद्धालुओं के लिए होल्डिंग एरिया की व्यवस्था।
- भीड़ नियंत्रण के लिए जिग-जैग बैरिकेडिंग और कतार प्रणाली।
- भीड़ के अनुसार प्रवेश मार्गों का विस्तार या सीमित करना।
- वीआईपी और विशिष्ट अतिथियों के लिए अलग प्रवेश व्यवस्था।
- आम श्रद्धालुओं के लिए चार अलग-अलग प्रवेश और निकास मार्ग।
- हेड काउंट कैमरों से प्रति घंटे भीड़ की निगरानी।
- भीड़ अधिक होने पर होल्डिंग एरिया में श्रद्धालुओं को रोकना।
- आवश्यकता अनुसार दर्शन व्यवस्था में बदलाव।
- गर्भगृह के बाहर से दर्शन और भीड़ कम होने पर अंदर प्रवेश की अनुमति।
- पुलिस, सुरक्षाकर्मियों और मंदिर कर्मचारियों की संयुक्त तैनाती।
- हेल्प डेस्क और भीड़ प्रबंधन के लिए 100 से अधिक कर्मियों की ड्यूटी।
- लगातार सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली के माध्यम से श्रद्धालुओं को दिशा-निर्देश देना।
मंदिर प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम दर्शन उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से समय-समय पर सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा रहा है।