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सावन में प्लास्टिक फ्री बनेगा काशी विश्वनाथ धाम, प्लास्टिक के डिब्बों में जल न लाने की प्रशासन की अपील

 

वाराणसी। सावन माह 2026 में श्री काशी विश्वनाथ धाम को पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए मंदिर प्रशासन ने विशेष अभियान शुरू किया है। देशभर से आने वाले लाखों कांवड़ियों और श्रद्धालुओं को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि बाबा विश्वनाथ के धाम में प्लास्टिक के उपयोग को हतोत्साहित किया जाएगा। श्रद्धालुओं से भी इस अभियान में सहयोग करने की अपील की गई है ताकि आस्था के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी मजबूत हो सके।

प्लास्टिक के डिब्बों में जल न लाने की अपील

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने बताया कि बड़ी संख्या में कांवड़िए प्लास्टिक के डिब्बों में गंगाजल लेकर जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। ऐसे श्रद्धालुओं से अनुरोध किया गया है कि वे तांबे, पीतल, स्टील या अन्य पर्यावरण-अनुकूल पात्रों में गंगाजल लेकर आएं। उनका कहना है कि प्लास्टिक मुक्त धाम का सपना तभी पूरा होगा, जब हर श्रद्धालु इसमें अपनी भागीदारी निभाएगा।


कागज़ के गिलास की होगी व्यवस्था

श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए मंदिर प्रशासन ने सभी प्रमुख प्रवेश द्वारों पर कागज़ के गिलास उपलब्ध कराए हैं। यदि कोई श्रद्धालु प्लास्टिक के डिब्बे में जल लेकर आता है, तो वह उसी जल को कागज़ के गिलास में लेकर बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक कर सकेगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम करना और धाम परिसर को स्वच्छ बनाए रखना है।


70 से 80 लाख श्रद्धालुओं के आगमन की उम्मीद

मंदिर प्रशासन के अनुसार इस वर्ष सावन माह में 70 से 80 लाख श्रद्धालुओं के श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचने का अनुमान है। इसे देखते हुए मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन ने संयुक्त रूप से व्यापक तैयारियां की हैं। श्रद्धालुओं को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित दर्शन कराने के लिए सुरक्षा, यातायात, चिकित्सा, पेयजल और अन्य सुविधाओं को मजबूत किया गया है।


333 सीसीटीवी कैमरों से होगी निगरानी

सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस, सीआरपीएफ, पीएसी, एलआईयू, बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वायड और एनडीआरएफ की तैनाती की गई है। पूरे धाम परिसर और आसपास के क्षेत्रों पर 333 सीसीटीवी कैमरों के जरिए 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी। सभी प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा जांच अनिवार्य होगी, जबकि पब्लिक एड्रेस सिस्टम और खोया-पाया केंद्र भी लगातार संचालित रहेंगे।


श्रद्धालुओं की सुविधा का रखा गया विशेष ध्यान

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए धाम परिसर में 19 स्थानों पर शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा मेडिकल सहायता केंद्र, एम्बुलेंस सेवा, जर्मन हैंगर, अस्थायी छाया, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के लिए निःशुल्क गोल्फ कार्ट सेवा भी उपलब्ध रहेगी। मंदिर परिसर और यात्री सुविधा केंद्रों पर बड़ी एलईडी स्क्रीन के माध्यम से पूजा-अर्चना का सीधा प्रसारण भी दिखाया जाएगा। सावन 2026 में मंदिर प्रशासन का लक्ष्य है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम दर्शन के साथ-साथ स्वच्छ, हरित और प्लास्टिक मुक्त श्री काशी विश्वनाथ धाम का अनुभव भी मिले।