Asian Games में गुलवीर सिंह का कमाल, 5 दिन में 4 रेस और 3 मेडल; जानें कैसी है उनकी डाइट
Gulveer Singh Asian Games: एशियन गेम्स 2026 में भारतीय एथलीट गुलवीर सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया है। उन्होंने पांच दिनों के भीतर चार रेस में हिस्सा लिया और 1500 मीटर व 10,000 मीटर में सिल्वर, जबकि 5000 मीटर में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर कुल तीन पदक अपने नाम किए। इस प्रदर्शन के बाद गुलवीर ने अपनी डाइट, ट्रेनिंग, हनुमान भक्ति और भविष्य की योजनाओं के बारे में भी बात की।
दाल, रोटी और पनीर है गुलवीर की डाइट
गुलवीर सिंह ने बताया कि वह पूरी तरह शाकाहारी हैं। वह नॉनवेज और अंडे नहीं खाते। एशियन गेम्स के दौरान उनकी डाइट में मुख्य रूप से रोटी, दाल और पनीर शामिल रहा।
गुलवीर के मुताबिक, होटल में उन्हें पर्याप्त पौष्टिक भोजन और सप्लीमेंट मिल रहे थे। उन्होंने यह भी बताया कि उनके आहार में प्रोटीन की पर्याप्त मात्रा रहती है। अमेरिका में ट्रेनिंग के दौरान भी उन्होंने अपनी शाकाहारी डाइट को जारी रखा।
पांच दिन में चार रेस, तीन मेडल
गुलवीर के लिए एशियन गेम्स का यह सफर आसान नहीं रहा। उन्होंने पांच दिनों में चार रेस दौड़ीं, जिसमें 1500 मीटर की हीट भी शामिल थी। इसके बावजूद वह तीन अलग-अलग स्पर्धाओं में पोडियम पर पहुंचे।
उन्होंने पहले 10,000 मीटर में सिल्वर, फिर 1500 मीटर में सिल्वर जीता। इसके बाद मंगलवार को 5000 मीटर में 13:32.75 मिनट का समय निकालकर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। गुलवीर ने कहा कि लगातार रेस की वजह से यह सफर काफी थकाने वाला था, लेकिन तीन मेडल के साथ भारत लौटना उनके लिए खुशी की बात है।
हनुमान जी की छोटी मूर्ति रखते हैं साथ
गुलवीर ने अपनी मानसिक ताकत के बारे में भी बात की। उन्होंने बताया कि वह अपने कमरे में बजरंग बली की एक छोटी मूर्ति रखते हैं और प्रतियोगिता के दौरान उनसे प्रार्थना करते हैं। उनके मुताबिक, खेल के दबाव के बीच यह आस्था उन्हें मानसिक मजबूती देती है। 5000 मीटर में ब्रॉन्ज जीतने के बाद भी उनके माथे पर तिलक नजर आया।
पहले डर लगता था, अब ओलंपिक मेडलिस्ट के साथ ट्रेनिंग
गुलवीर ने बताया कि 2022 के एशियन गेम्स के दौरान वह बड़े मंच और प्रतियोगिता को लेकर नर्वस थे। अब चार साल बाद उनकी सोच में बदलाव आया है। अमेरिका में ओलंपिक और चैंपियनशिप मेडलिस्टों के साथ ट्रेनिंग ने उनका आत्मविश्वास बढ़ाया है।
उन्होंने कहा कि जब वह रोजाना इतने बड़े एथलीटों के साथ ट्रेनिंग कर सकते हैं तो उनके खिलाफ प्रतिस्पर्धा क्यों नहीं कर सकते। अब उनका फोकस देश के लिए प्रदर्शन करने पर है।
अब ओलंपिक और वर्ल्ड चैंपियनशिप पर नजर
एशियन गेम्स में तीन पदक जीतने के बाद गुलवीर की नजर अब अगले बड़े लक्ष्य पर है। उन्होंने कहा कि आगे उन्हें वर्ल्ड चैंपियनशिप और ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करना है।
गुलवीर मानते हैं कि अलग-अलग दूरी की रेस में लगातार हिस्सा लेने के बजाय आगे उन्हें अपने लिए सबसे उपयुक्त इवेंट चुनकर रणनीति बनानी होगी। उनका लक्ष्य अब अपनी रेस का चयन अधिक सोच-समझकर करना है।
एशियन गेम्स में खास उपलब्धि
तीन व्यक्तिगत एथलेटिक्स पदक जीतकर गुलवीर भारतीय एथलेटिक्स के चुनिंदा खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गए हैं। वह एक ही एशियन गेम्स में तीन एथलेटिक्स पदक जीतने वाले केवल दूसरे भारतीय पुरुष एथलीट बने हैं। उनसे पहले यह उपलब्धि 1951 में लैवी पिंटो और बाद के वर्षों में पीटी उषा तथा केएम बीनामोल जैसे खिलाड़ियों ने हासिल की थी।