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Satwik-Chirag ने जीता China Masters 2026 का खिताब, फाइनल में चीन की जोड़ी को दी मात

भारत के सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने चीन मास्टर्स सुपर 750 का खिताब जीत लिया। भारतीय जोड़ी ने फाइनल में हे जी टिंग और रेन शियांग यू को 11-21, 21-13, 21-17 से हराया। यह इस सीजन में सात्विक-चिराग की दूसरी बड़ी खिताबी जीत है।

 

China Masters Final: भारत के स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने शानदार वापसी करते हुए चीन मास्टर्स सुपर 750 का खिताब अपने नाम कर लिया। रविवार को खेले गए फाइनल में भारतीय जोड़ी ने चीन के हे जी टिंग और रेन शियांग यू को तीन गेम तक चले रोमांचक मुकाबले में 11-21, 21-13, 21-17 से हराया।

दुनिया की पांचवें नंबर की सात्विक-चिराग की जोड़ी ने एक घंटे 10 मिनट तक चले मुकाबले में पहले गेम में हार के बाद जबरदस्त वापसी की और लगातार दो गेम जीतकर खिताब पर कब्जा किया।

इस सीजन का दूसरा खिताब

सात्विक और चिराग के लिए यह इस सीजन का दूसरा खिताब है। इससे पहले भारतीय जोड़ी ने सिंगापुर ओपन सुपर 750 का खिताब जीता था। इसके अलावा दोनों ने थाईलैंड ओपन सुपर 500 के फाइनल में भी जगह बनाई थी।

चीन मास्टर्स में सात्विक और चिराग का यह तीसरा फाइनल था। इससे पहले वे 2023 और 2025 में यहां उपविजेता रहे थे। इस बार भारतीय जोड़ी ने फाइनल में कोई गलती नहीं दोहराई और खिताब अपने नाम कर लिया।

पहले गेम में पिछड़े, फिर बदला मैच

फाइनल में चीन की जोड़ी ने शुरुआत में बेहतर खेल दिखाया और पहला गेम 21-11 से अपने नाम कर लिया। इसके बाद सात्विक और चिराग ने अपनी रणनीति बदली। दूसरे गेम में भारतीय खिलाड़ियों ने तेज शुरुआत की और 21-13 से गेम जीतकर मुकाबले को बराबरी पर ला दिया।

निर्णायक गेम में दोनों जोड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। हालांकि भारतीय जोड़ी ने अहम मौकों पर बेहतर प्रदर्शन करते हुए 21-17 से तीसरा गेम जीत लिया और चीन मास्टर्स का खिताब अपने नाम कर लिया।

एशियाई खेलों से पहले बढ़ा आत्मविश्वास

चीन मास्टर्स में मिली यह जीत सात्विक और चिराग के लिए खास है, क्योंकि इसके बाद उनका ध्यान एशियाई खेलों पर है। जापान में 19 सितंबर से होने वाले एशियाई खेलों में भारतीय जोड़ी अपने स्वर्ण पदक का बचाव करने उतरेगी। ऐसे में चीन में मिली यह जीत उनके आत्मविश्वास को मजबूत करेगी।

वापसी के बाद तीसरा टूर्नामेंट खेल रहे थे हे जी टिंग

फाइनल में सात्विक और चिराग के सामने चीन की ऐसी जोड़ी थी, जो लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन से दूर रही है। इसी वजह से हे जी टिंग और रेन शियांग यू की रैंकिंग गिरकर 70वें स्थान पर पहुंच गई थी। दोनों पहले दुनिया की चौथे नंबर की जोड़ी रह चुके हैं।

हे जी टिंग के लिए चीन मास्टर्स वापसी के बाद सिर्फ तीसरा टूर्नामेंट था। उन्होंने चीनी बैडमिंटन संघ की ओर से लगाए गए अनुशासनात्मक निलंबन की सजा पूरी करने के बाद प्रतिस्पर्धी बैडमिंटन में वापसी की है।

हालांकि सात्विक और चिराग का इस जोड़ी के खिलाफ रिकॉर्ड पहले से बेहतर था। दोनों भारतीय खिलाड़ियों ने इससे पहले चीन की इस जोड़ी के खिलाफ खेले अपने दोनों मुकाबले जीते थे।

फाइनल तक भी दिखा सात्विक-चिराग का जुझारूपन

सात्विक और चिराग ने चीन मास्टर्स के फाइनल तक पहुंचने के दौरान तीन मुकाबले तीन गेम में जीते थे। इन सभी मुकाबलों में भारतीय जोड़ी ने पहला गेम जीतने के बाद दूसरा गेम गंवाया, लेकिन निर्णायक गेम में वापसी करते हुए जीत हासिल की।

इस जीत के साथ सात्विक और चिराग ने इस साल अपने 10वें टूर्नामेंट में तीसरा फाइनल खेला। अब चीन मास्टर्स का खिताब उनके नाम हो चुका है और एशियाई खेलों से पहले भारतीय जोड़ी का आत्मविश्वास भी काफी बढ़ा है।