क्रिकेटर बनने का सपना टूटा, एथलेटिक्स में बने हीरो- हाई जंप स्टार तेजस्विन शंकर ने डेकाथलॉन में भारत को दिलाया पहला मेडल
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में तेजस्विन शंकर ने डेकाथलॉन में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया। वह इस स्पर्धा में मेडल जीतने वाले पहले भारतीय बने। जानिए क्रिकेटर बनने का सपना देखने वाले तेजस्विन कैसे भारत के सबसे सफल एथलीटों में शामिल हुए।
Tejaswin Shankar Decathlon Bronze Medal: स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए 31 जुलाई का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ। जूडो में दो स्वर्ण समेत कई पदक जीतने के साथ भारतीय एथलेटिक्स को भी बड़ी सफलता मिली। स्टार एथलीट तेजस्विन शंकर ने डेकाथलॉन स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर नया इतिहास रच दिया। वह कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में डेकाथलॉन में पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं।
7976 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहे
डेकाथलॉन की आखिरी स्पर्धा 1500 मीटर दौड़ समाप्त होने के बाद तेजस्विन शंकर ने कुल 7976 अंक हासिल किए। इसी प्रदर्शन के दम पर उन्होंने तीसरा स्थान हासिल करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया।
डेकाथलॉन को एथलेटिक्स की सबसे कठिन स्पर्धाओं में गिना जाता है, जिसमें खिलाड़ियों को कुल 10 अलग-अलग प्रतियोगिताओं में अपनी क्षमता साबित करनी होती है।
चोट के बावजूद नहीं टूटा हौसला
तेजस्विन शंकर की इस उपलब्धि को इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि वह पैर की चोट से जूझ रहे थे। चोट के कारण वह अपने सबसे मजबूत इवेंट हाई जंप में भी हिस्सा नहीं ले सके। इसके बावजूद उन्होंने अन्य स्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को ऐतिहासिक पदक दिलाया।
क्रिकेटर बनने का सपना, लेकिन किस्मत ने बदली राह
21 दिसंबर 1998 को दिल्ली में जन्मे तेजस्विन शंकर बचपन में क्रिकेटर बनना चाहते थे। परिवार में क्रिकेट का माहौल होने के कारण उनका झुकाव भी उसी खेल की ओर था।
हालांकि पिता के निधन के बाद परिस्थितियां बदल गईं। दिल्ली के सरदार पटेल विद्यालय में पढ़ाई के दौरान उनके फिजिकल एजुकेशन शिक्षक ने उन्हें एथलेटिक्स अपनाने की सलाह दी। यही फैसला उनके खेल करियर का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ।
16 साल की उम्र में तोड़ा राष्ट्रीय रिकॉर्ड
तेजस्विन ने महज 16 वर्ष की उम्र में 2.18 मीटर की छलांग लगाकर हरि शंकर रॉय का 12 साल पुराना राष्ट्रीय हाई जंप रिकॉर्ड तोड़ दिया। उनके शानदार प्रदर्शन के चलते उन्हें अमेरिका की कैनसस स्टेट यूनिवर्सिटी में स्पोर्ट्स स्कॉलरशिप मिली। इसके बाद वर्ष 2018 में उन्होंने 2.29 मीटर की छलांग लगाकर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया, जो आज भी उनके नाम दर्ज है।
2022 के बाद 2026 में फिर चमके तेजस्विन
कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 (बर्मिंघम) में तेजस्विन शंकर ने हाई जंप में 2.22 मीटर की छलांग लगाकर कांस्य पदक जीता था। वह हाई जंप में कॉमनवेल्थ पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने थे। अब कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में उन्होंने डेकाथलॉन में कांस्य पदक जीतकर अपने करियर में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि जोड़ दी।31 जुलाई के मुकाबलों के
भारत के पदकों में हुआ इजाफा
बाद भारत के कुल पदकों की संख्या 23 पहुंच गई। भारतीय दल से आगे भी कई और पदकों की उम्मीद है, जिससे पदक तालिका में भारत की स्थिति और मजबूत होने की संभावना है। तेजस्विन शंकर की यह उपलब्धि भारतीय एथलेटिक्स के लिए एक नई शुरुआत मानी जा रही है और आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी।