FIFA World Cup 2026: 'सुपर सब' मिकेल मेरिनो ने फिर किया कमाल, 16 साल बाद सेमीफाइनल में पहुंचा स्पेन, बेल्जियम बाहर
FIFA World Cup 2026: फीफा विश्व कप 2026 में स्पेन के लिए मिकेल मेरिनो लगातार दूसरे नॉकआउट मुकाबले में संकटमोचक बनकर उभरे। क्वार्टर फाइनल में बेल्जियम के खिलाफ मैच के अंतिम क्षणों में उनके निर्णायक गोल की बदौलत स्पेन ने 2-1 से जीत दर्ज की और 2010 के बाद पहली बार विश्व कप के सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। इस जीत के साथ मेरिनो ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बड़े मुकाबलों में वह टीम के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल हैं।
फिर संकटमोचक बने मिकेल मेरिनो
फुटबॉल की दुनिया में मिकेल मेरिनो को अक्सर ऐसा खिलाड़ी माना जाता है, जो शायद सबसे ज्यादा सुर्खियां नहीं बटोरता, लेकिन जब टीम मुश्किल में होती है तो वही जीत की सबसे मजबूत उम्मीद बन जाता है। बेल्जियम के खिलाफ भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला।
मैच के 85वें मिनट में बतौर सब्स्टीट्यूट मैदान पर उतरे मेरिनो ने महज कुछ मिनट बाद ही गोल दागकर मुकाबले का रुख बदल दिया। उनका यह गोल स्पेन के लिए जीत का कारण बना और टीम को सीधे सेमीफाइनल तक पहुंचा दिया।
पहले भी दिलाई थी यादगार जीत
मिकेल मेरिनो के लिए यह पहली बार नहीं था जब उन्होंने बड़े मुकाबले में निर्णायक भूमिका निभाई हो। यूरो 2024 में जर्मनी के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में भी उन्होंने अतिरिक्त समय के 119वें मिनट में शानदार हेडर लगाकर स्पेन को जीत दिलाई थी।
नेशंस लीग में भी उन्होंने कई अहम मुकाबलों में निर्णायक गोल किए। अब विश्व कप 2026 में लगातार दूसरे नॉकआउट मैच में विजयी गोल कर उन्होंने अपनी उपयोगिता फिर साबित कर दी।
रोमांच से भरपूर रहा स्पेन-बेल्जियम मुकाबला
क्वार्टर फाइनल की शुरुआत से ही स्पेन ने आक्रामक खेल दिखाया। 30वें मिनट में फैबियन रुइज ने शानदार गोल कर स्पेन को बढ़त दिलाई। हालांकि बेल्जियम ने 41वें मिनट में चार्ल्स डे केटेलारा के हेडर के जरिए बराबरी हासिल कर ली।
इसके बाद दोनों टीमों ने लगातार हमले किए, लेकिन मैच का फैसला अंतिम क्षणों में हुआ। मेरिनो ने गोलकीपर सेने लमेंस के हाथ से छूटी गेंद का पूरा फायदा उठाते हुए शानदार फिनिश किया और स्पेन को 2-1 की अहम जीत दिला दी।
गोलकीपर की गलती बेल्जियम पर पड़ी भारी
बेल्जियम के लिए मुकाबले के दौरान एक और बड़ा झटका तब लगा, जब अनुभवी गोलकीपर थिबाट कोर्टवा चोटिल होकर मैदान से बाहर चले गए। उनकी जगह आए सेने लमेंस दबाव में नजर आए और अंतिम मिनटों में दूर से आए शॉट को सही तरीके से नियंत्रित नहीं कर सके। उनके हाथ से निकली गेंद पर मेरिनो ने तेजी दिखाते हुए शानदार गोल दाग दिया, जिसने बेल्जियम की विश्व कप यात्रा समाप्त कर दी।
हर भूमिका में फिट बैठते हैं मेरिनो
मिकेल मेरिनो की सबसे बड़ी ताकत उनकी बहुमुखी प्रतिभा मानी जाती है। अपने करियर में वह डिफेंडर, डिफेंसिव मिडफील्डर, सेंट्रल मिडफील्डर, अटैकिंग मिडफील्डर, विंगर और स्ट्राइकर तक की भूमिका निभा चुके हैं।
यही वजह है कि उन्हें अक्सर 'अनसंग हीरो' कहा जाता है। वह शायद सबसे ज्यादा चर्चा में नहीं रहते, लेकिन टीम की जरूरत पड़ने पर हमेशा आगे आकर जिम्मेदारी निभाते हैं।
विश्व कप में बनाया खास रिकॉर्ड
30 वर्षीय मेरिनो ने इस मुकाबले के साथ एक खास उपलब्धि भी अपने नाम दर्ज कर ली। वह विश्व कप इतिहास के पहले फुटबॉलर बन गए हैं, जिन्होंने बतौर सब्स्टीट्यूट लगातार दो नॉकआउट मुकाबलों में विजयी गोल दागे हैं।
मैच के बाद मेरिनो ने कहा कि उनका लक्ष्य हमेशा टीम के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देना और विपक्षी टीम पर लगातार दबाव बनाए रखना रहता है। उन्होंने स्वीकार किया कि लगातार दो बड़े मुकाबलों में निर्णायक गोल करना उनके लिए भी बेहद खास अनुभव है।
अब फ्रांस से होगी टक्कर
बेल्जियम को हराने के बाद स्पेन अब सेमीफाइनल में फ्रांस का सामना करेगा। फुटबॉल प्रेमियों की नजरें अब इस हाई-वोल्टेज मुकाबले पर होंगी, जहां स्पेन एक बार फिर मिकेल मेरिनो जैसे मैच विनर से बड़ी उम्मीदें लगाए बैठेगा।