FIFA World Cup : गौरव, इतिहास और दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल महाकुंभ की कहानी
New Delhi : फुटबॉल सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि दुनिया भर में करोड़ों लोगों की भावनाओं का केंद्र है। इसी खेल का सबसे बड़ा मंच है फीफा विश्व कप, जहां हर टीम का सपना केवल एक होता है—विश्व विजेता बनकर ट्रॉफी उठाना। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस ट्रॉफी को पाने के लिए खिलाड़ी वर्षों तक संघर्ष करते हैं, वह ट्रॉफी खुद भी अपराधियों के निशाने पर रही है? फीफा विश्व कप के लगभग 88 वर्षों के इतिहास में यह ट्रॉफी दो बार चोरी हो चुकी है।
जब फीफा विश्व कप ट्रॉफी पहली बार हुई चोरी
साल 1966 में इंग्लैंड में फीफा विश्व कप आयोजित होना था। टूर्नामेंट शुरू होने से लगभग तीन महीने पहले ट्रॉफी को लंदन के वेस्टमिंस्टर हॉल में प्रदर्शनी के लिए रखा गया था। इसी दौरान यह रहस्यमय तरीके से चोरी हो गई। पूरी दुनिया में हड़कंप मच गया। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक तलाश शुरू की, लेकिन सफलता नहीं मिली।
हालांकि सात दिन बाद एक स्थानीय व्यक्ति को अपने बगीचे में अखबार में लिपटी हुई ट्रॉफी मिली। इस तरह विश्व कप शुरू होने से पहले ट्रॉफी बरामद हो गई और इंग्लैंड ने राहत की सांस ली। यह घटना आज भी फीफा इतिहास की सबसे चर्चित सुरक्षा चूकों में गिनी जाती है।
ब्राजील में गायब हुआ ट्रॉफी ट्रॉफी का हिस्सा
साल 1970 में ब्राजील ने तीसरी बार विश्व कप जीतकर इतिहास रच दिया। जीत के जश्न के दौरान खिलाड़ी ट्रॉफी लेकर मैदान का चक्कर लगा रहे थे। इसी दौरान ट्रॉफी का सोने का ऊपरी हिस्सा गायब हो गया। बाद में ब्राजील के खिलाड़ी डेविडो ने स्टेडियम के निकास द्वार के पास एक दर्शक के पास से उसे बरामद कर लिया। इस घटना के बाद ट्रॉफी की संरचना में बदलाव किए गए।
1983 की चोरी, जो आज तक रहस्य बनी हुई है
फीफा ट्रॉफी की सबसे बड़ी चोरी 19 दिसंबर 1983 को हुई। ब्राजील फुटबॉल परिसंघ के मुख्यालय में बुलेटप्रूफ कांच की अलमारी में रखी मूल जूल्स रिमे ट्रॉफी को चोरों ने हथौड़े से अलमारी का पिछला हिस्सा तोड़कर चुरा लिया। हैरानी की बात यह है कि यह ट्रॉफी आज तक बरामद नहीं हो सकी।
विशेषज्ञों का मानना है कि चोरों ने संभवतः ट्रॉफी को पिघलाकर बेच दिया होगा, हालांकि इसका कोई ठोस प्रमाण कभी नहीं मिला। यह चोरी आज भी फुटबॉल इतिहास के सबसे बड़े रहस्यों में शामिल है।
जूल्स रिमे से आधुनिक ट्रॉफी तक का सफर
विश्व कप ट्रॉफी को शुरू में "कोप डु मोंडे" या "विश्व कप" कहा जाता था। बाद में फीफा के पूर्व अध्यक्ष Jules Rimet के सम्मान में 1946 में इसका नाम "जूल्स रिमे ट्रॉफी" रखा गया। नियम था कि कोई भी देश लगातार तीसरी बार खिताब जीतकर ट्रॉफी को स्थायी रूप से अपने पास रख सकता था। 1970 में ब्राजील ने ऐसा कर दिखाया और मूल ट्रॉफी उसे सौंप दी गई।
इसके बाद फीफा ने नई ट्रॉफी तैयार कराई, जिसका डिजाइन इतालवी मूर्तिकार Silvio Gazzaniga ने बनाया। वर्तमान ट्रॉफी 18 कैरेट सोने से बनी है, इसकी ऊंचाई 14.2 इंच और वजन 6.175 किलोग्राम है।
विजेताओं का सुनहरा इतिहास
फीफा विश्व कप दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित फुटबॉल टूर्नामेंट है। 1930 में इसकी शुरुआत हुई थी, जबकि महिला फीफा विश्व कप का पहला आयोजन 1991 में हुआ। आइए एक नजर डालते हैं अब तक के सभी चैंपियनों और उपविजेताओं पर।
पुरुष फीफा विश्व कप विजेता (1930-2022)
| वर्ष | मेजबान देश | विजेता | उपविजेता |
|---|---|---|---|
| 1930 | उरुग्वे | उरुग्वे | अर्जेंटीना |
| 1934 | इटली | इटली | चेकोस्लोवाकिया |
| 1938 | फ्रांस | इटली | हंगरी |
| 1950 | ब्राजील | उरुग्वे | ब्राजील |
| 1954 | स्विट्जरलैंड | पश्चिम जर्मनी | हंगरी |
| 1958 | स्वीडन | ब्राजील | स्वीडन |
| 1962 | चिली | ब्राजील | चेकोस्लोवाकिया |
| 1966 | इंग्लैंड | इंग्लैंड | पश्चिम जर्मनी |
| 1970 | मेक्सिको | ब्राजील | इटली |
| 1974 | पश्चिम जर्मनी | पश्चिम जर्मनी | नीदरलैंड |
| 1978 | अर्जेंटीना | अर्जेंटीना | नीदरलैंड |
| 1982 | स्पेन | इटली | पश्चिम जर्मनी |
| 1986 | मेक्सिको | अर्जेंटीना | पश्चिम जर्मनी |
| 1990 | इटली | पश्चिम जर्मनी | अर्जेंटीना |
| 1994 | अमेरिका | ब्राजील | इटली |
| 1998 | फ्रांस | फ्रांस | ब्राजील |
| 2002 | दक्षिण कोरिया/जापान | ब्राजील | जर्मनी |
| 2006 | जर्मनी | इटली | फ्रांस |
| 2010 | दक्षिण अफ्रीका | स्पेन | नीदरलैंड |
| 2014 | ब्राजील | जर्मनी | अर्जेंटीना |
| 2018 | रूस | फ्रांस | क्रोएशिया |
| 2022 | कतर | अर्जेंटीना | फ्रांस |
महिला फीफा विश्व कप विजेता (1991-2019)
| वर्ष | मेजबान देश | विजेता | उपविजेता | फाइनल स्थल |
|---|---|---|---|---|
| 1991 | चीन | संयुक्त राज्य अमेरिका | नॉर्वे | तियान्हे स्टेडियम, ग्वांगझोउ |
| 1995 | स्वीडन | नॉर्वे | जर्मनी | रासुंडा स्टेडियम, सोलना |
| 1999 | संयुक्त राज्य अमेरिका | संयुक्त राज्य अमेरिका | चीन | रोज बाउल, पासाडेना |
| 2003 | संयुक्त राज्य अमेरिका | जर्मनी | स्वीडन | होम डिपो सेंटर, कार्सन |
| 2007 | चीन | जर्मनी | ब्राजील | होंगकौ स्टेडियम, शंघाई |
| 2011 | जर्मनी | जापान | संयुक्त राज्य अमेरिका | कॉमर्जबैंक एरिना, फ्रैंकफर्ट |
| 2015 | कनाडा | संयुक्त राज्य अमेरिका | जापान | बीसी प्लेस, वैंकूवर |
| 2019 | फ्रांस | संयुक्त राज्य अमेरिका | नीदरलैंड | पार्क ओलंपिक लियोने, लियोन |
विश्व फुटबॉल का सबसे बड़ा महाकुंभ
1930 में Uruguay में शुरू हुआ फीफा विश्व कप आज दुनिया का सबसे लोकप्रिय खेल आयोजन बन चुका है। द्वितीय विश्व युद्ध के कारण 1942 और 1946 के संस्करण आयोजित नहीं हो सके, लेकिन इसके बाद यह टूर्नामेंट लगातार बढ़ता गया।
विश्व कप इतिहास में सबसे सफल टीम Brazil रही है, जिसने पांच बार खिताब जीता है। उसके बाद Italy और Germany का स्थान आता है।
सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं, दुनिया का सबसे बड़ा सपना
फीफा विश्व कप ट्रॉफी केवल सोने से बनी एक धातु की वस्तु नहीं है। यह करोड़ों खिलाड़ियों, प्रशंसकों और देशों के सपनों का प्रतीक है। शायद यही वजह है कि इसे पाने की चाहत खिलाड़ियों से लेकर चोरों तक में दिखाई देती रही है। लेकिन इतिहास यह भी बताता है कि चाहे ट्रॉफी कितनी ही बार चोरी क्यों न हुई हो, फुटबॉल के प्रति दुनिया का जुनून कभी कम नहीं हुआ।