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भारत का हॉकी वर्ल्ड कप सपना टूटा, अर्जेंटीना ने 5-3 से हराया- सेमीफाइनल से बाहर

भारत को हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के क्वार्टरफाइनल में अर्जेंटीना के खिलाफ 3-5 से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ भारतीय टीम सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गई। सुखजीत सिंह ने दो और हार्दिक सिंह ने एक गोल किया। भारत अब 7वें-8वें स्थान के मुकाबले में बेल्जियम से भिड़ेगा।
 

India vs Argentina Hockey World Cup 2026: भारतीय पुरुष हॉकी टीम का 2026 हॉकी वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंचने का सपना एक बार फिर टूट गया। अर्जेंटीना ने सोमवार को एम्स्टेलवीन में खेले गए मुकाबले में भारत को 5-3 से हरा दिया। इस हार के साथ भारत सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गया और वर्ल्ड कप के अंतिम चार में पहुंचने का इंतजार अब चार साल और बढ़ गया है।

भारत की ओर से सुखजीत सिंह ने दो गोल किए, जबकि हार्दिक सिंह ने पेनल्टी स्ट्रोक पर एक गोल दागा। हालांकि, मैच की शुरुआत में अर्जेंटीना ने जिस तरह दबाव बनाया, उससे भारतीय टीम पूरे मुकाबले में उबर नहीं सकी। अर्जेंटीना ने शुरुआती क्वार्टर में ही भारत को मुश्किल में डाल दिया और बाद में बढ़त को बरकरार रखा।

सिर्फ 40 सेकंड में भारत को लगा पहला झटका

भारत के लिए मुकाबले की शुरुआत ही बेहद खराब रही। मैच शुरू होने के करीब 40 सेकंड बाद जोआक्विन टोस्कानी ने अर्जेंटीना को बढ़त दिला दी। भारतीय डिफेंस शुरुआती हमले को रोक नहीं सका और अर्जेंटीना ने इसका पूरा फायदा उठाया।

इसके कुछ ही मिनट बाद अर्जेंटीना ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर स्कोर 2-0 कर दिया। निकोलस डेल टोरे ने यह गोल किया। भारत की डिफेंसिव लाइन इस दौरान दबाव में दिखाई दी और टीम को लगातार अपने हाफ में संघर्ष करना पड़ा।

सुखजीत ने दिलाई वापसी की उम्मीद

दो गोल से पिछड़ने के बाद भारत ने वापसी की कोशिश की। 10वें मिनट में सुखजीत सिंह ने गोल कर स्कोर 2-1 कर दिया। इस गोल के बाद भारतीय टीम के खेल में थोड़ी तेजी आई और उसने गेंद पर अपना कब्जा बढ़ाया।

भारत ने दूसरे क्वार्टर में गेंद पर ज्यादा नियंत्रण रखा। हाफ टाइम तक भारत के पास करीब 54.5 प्रतिशत पजेशन था, लेकिन सिर्फ गेंद अपने पास रखना काफी साबित नहीं हुआ। अर्जेंटीना ने सर्कल एंट्री और गोल पर शॉट के मामले में भारत को पीछे छोड़ा। हाफ टाइम तक अर्जेंटीना की 10 सर्कल एंट्री के मुकाबले भारत की 6 एंट्री थीं, जबकि गोल पर शॉट के मामले में भी अर्जेंटीना 5-1 से आगे था।

तीसरे क्वार्टर में अर्जेंटीना ने फिर बढ़ाई बढ़त

तीसरे क्वार्टर की शुरुआत में अर्जेंटीना ने एक बार फिर तेज खेल दिखाया। टीम ने लगातार दूसरे बॉल पर कब्जा बनाया और भारतीय डिफेंस पर दबाव बढ़ाया।

इसके बाद टॉमस डोमेने ने शानदार स्ट्राइक के जरिए अर्जेंटीना की बढ़त को और मजबूत कर दिया। भारत के लिए मुश्किलें यहीं खत्म नहीं हुईं। एक गलती के कारण अर्जेंटीना को पेनल्टी स्ट्रोक मिला और डोमेने ने इसे गोल में बदलकर अपना दूसरा गोल किया।

अर्जेंटीना ने 5-1 की बढ़त बनाकर मैच लगभग खत्म कर दिया

चौथे क्वार्टर तक अर्जेंटीना ने मुकाबले पर मजबूत पकड़ बना ली थी। लुकास टोस्कानी ने भारतीय डिफेंस को छकाते हुए गोल किया और स्कोर 5-1 कर दिया। इसके बाद भारत ने आखिरी मिनटों में वापसी की कोशिश की।

सुखजीत सिंह ने अपना दूसरा गोल किया और हार्दिक सिंह ने पेनल्टी स्ट्रोक पर गोल दागकर भारत की हार का अंतर कम किया। हालांकि, तब तक मुकाबला अर्जेंटीना के हाथ से निकलने की स्थिति में नहीं था। भारत आखिरकार 3-5 से मुकाबला हार गया।

सेमीफाइनल की उम्मीद क्यों टूटी?

भारत को सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए अर्जेंटीना के खिलाफ बड़े अंतर से जीत की जरूरत थी। टीम की स्थिति ऐसी थी कि सिर्फ जीत काफी नहीं थी, बल्कि गोल अंतर भी बेहद महत्वपूर्ण था और नीदरलैंड्स-इंग्लैंड मुकाबले का परिणाम भी भारत के पक्ष में जाना जरूरी था।

अर्जेंटीना से 3-5 की हार के साथ भारत की सेमीफाइनल की उम्मीदें खत्म हो गईं। अर्जेंटीना ने भारत के खिलाफ लगातार पांचवीं जीत दर्ज की।

51 साल बाद भी सेमीफाइनल का इंतजार

भारत ने आखिरी बार 1975 में पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में जगह बनाई थी और उसी साल खिताब भी जीता था। इसके बाद से भारतीय टीम विश्व कप के सेमीफाइनल तक नहीं पहुंच सकी है।

2026 में भी यह इंतजार खत्म नहीं हुआ। अर्जेंटीना के खिलाफ हार के बाद भारत अब खिताबी दौड़ से बाहर हो चुका है।

हार के बाद टीम के सामने कई सवाल

भारत की इस हार में सबसे बड़ी चिंता डिफेंस और मौके को गोल में बदलने की क्षमता रही। टीम के पास कई मौकों पर गेंद का नियंत्रण था, लेकिन अर्जेंटीना के सर्कल में पहुंचने के बाद भारत वैसा दबाव नहीं बना सका।

मैच से पहले भारत के लिए पेनल्टी कॉर्नर भी बड़ा हथियार माना जा रहा था, लेकिन अर्जेंटीना ने हरमनप्रीत सिंह को लगातार रोकने की रणनीति अपनाई। भारत को एक समय लगातार चार पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन वह उनका फायदा नहीं उठा सका।

India Today की मैच रिपोर्ट में टीम चयन को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक विवेक सागर प्रसाद और जुगराज सिंह को शुरुआती टीम में जगह नहीं मिली, जबकि दोनों खिलाड़ी अलग-अलग परिस्थितियों में भारत के लिए उपयोगी साबित हो चुके हैं।

अब 7वें-8वें स्थान के लिए खेलेगा भारत

सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर होने के बाद भारतीय टीम अब 7वें-8वें स्थान के मुकाबले में खेलेगी। भारत का अगला मुकाबला 28 अगस्त को बेल्जियम से होगा। इसके साथ ही टीम का 2026 हॉकी वर्ल्ड कप अभियान समाप्त होगा। भारतीय टीम के लिए यह हार निश्चित रूप से निराशाजनक है, लेकिन करीब एक महीने बाद एशियन गेम्स भी होने हैं। ऐसे में टीम के पास वापसी का मौका जल्द ही होगा।