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भारतीय हॉकी टीम की नई केसरिया जर्सी पर विवाद, पूर्व कप्तान ने उठाए सवाल
 

 

नई दिल्ली: भारतीय हॉकी टीम की नई प्लेइंग जर्सी का रंग नीले से बदलकर केसरिया किए जाने पर विवाद शुरू हो गया है। भारत के पूर्व हॉकी कप्तान और ओलंपियन वीरेन रस्किन्हा ने इस फैसले पर नाराजगी जताते हुए इसे भारतीय हॉकी की विरासत के खिलाफ बताया। हालांकि, विवाद बढ़ने के बाद हॉकी इंडिया ने स्पष्ट किया कि यह फैसला खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ की तकनीकी सलाह के आधार पर लिया गया है।

वीरेन रस्किन्हा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि भारतीय हॉकी टीम की पहचान हमेशा से नीले रंग की जर्सी रही है। उन्होंने कहा, "मैंने कई वर्षों तक गर्व के साथ ब्लू जर्सी पहनी है। फैंस भी भारतीय टीम को नीले रंग में ही देखना चाहते हैं। आखिर ऑरेंज रंग का क्या तर्क है?" उन्होंने हॉकी इंडिया के इस फैसले को शर्मनाक बताया।

यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब हॉकी इंडिया ने आगामी FIH पुरुष और महिला हॉकी विश्व कप से पहले भारतीय पुरुष और महिला टीमों की नई जर्सी लॉन्च की है। पुरुष हॉकी विश्व कप 14 से 30 अगस्त के बीच बेल्जियम और नीदरलैंड में खेला जाएगा, जबकि महिला विश्व कप 15 से 30 अगस्त तक आयोजित होगा।

विश्व कप में भारत की चुनौती

पुरुष टीम को विश्व कप के पूल-डी में इंग्लैंड, वेल्स और पाकिस्तान के साथ रखा गया है। भारत 1975 के बाद पहली बार विश्व कप खिताब जीतने की कोशिश करेगा। वहीं, भारतीय महिला टीम 16 अगस्त को चीन के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी। इसके बाद उसका सामना दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड से होगा।

रवाना होने से पहले महिला टीम की कप्तान सलीमा टेटे ने कहा कि टीम पूरी तरह तैयार है और टूर्नामेंट की सकारात्मक शुरुआत करने के लिए उत्साहित है। उन्होंने विश्वास जताया कि टीम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन करेगी।

हॉकी इंडिया ने बताई जर्सी बदलने की वजह

विवाद के बीच हॉकी इंडिया ने बयान जारी कर कहा कि जर्सी का रंग बदलने का निर्णय खिलाड़ियों, कोच और सपोर्ट स्टाफ के साथ विस्तृत चर्चा के बाद लिया गया। संस्था के मुताबिक, नीली जर्सी अंतरराष्ट्रीय हॉकी में इस्तेमाल होने वाली नीली सिंथेटिक पिच के साथ घुल-मिल जाती थी, जिससे खिलाड़ियों की दृश्यता प्रभावित होती थी।

हॉकी इंडिया ने बताया कि इसी तकनीकी समस्या को देखते हुए पीले और केसरिया जैसे रंगों पर विचार किया गया और अंततः केसरिया रंग को चुना गया। संस्था ने कहा कि यह रंग भारतीय तिरंगे का हिस्सा होने के साथ साहस, त्याग और राष्ट्रीय गौरव का भी प्रतीक है।

पहले भी बदल चुकी है जर्सी

हॉकी इंडिया ने यह भी स्पष्ट किया कि भारतीय हॉकी टीम की जर्सी का रंग बदलना कोई नई बात नहीं है। 2014 एफआईएच हॉकी विश्व कप में टीम ने पीले रंग की जर्सी पहनी थी, जबकि 2018 विश्व कप में आसमानी नीले रंग की नई डिजाइन वाली जर्सी का इस्तेमाल किया गया था। संस्था का कहना है कि इस बार भी बदलाव पूरी तरह तकनीकी जरूरत और खिलाड़ियों की राय के आधार पर किया गया है।