{"vars":{"id": "130921:5012"}}

मुझे नरेंद्र नाम से नफरत हो गई... बॉक्सर नरेंद्र बेर्वाल ने सुनाया ऐसा मजेदार किस्सा- PM मोदी भी नहीं रोक पाए अपनी हंसी

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के रजत पदक विजेता मुक्केबाज नरेंद्र बेर्वाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान पाकिस्तान के एक मुक्केबाज से जुड़ा मजेदार किस्सा सुनाया। 2015 के मुकाबले का यह किस्सा सुनकर पीएम मोदी भी हंस पड़े। बेर्वाल ने ग्लासगो में 90+ किग्रा वर्ग में सिल्वर जीता।
 

PM Modi Narender Berwal Incident: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के रजत पदक विजेता मुक्केबाज नरेंद्र बेर्वाल (Narender Berwal) ने अपने करियर से जुड़ा एक ऐसा किस्सा सुनाया, जिसे सुनकर प्रधानमंत्री मोदी भी अपनी हंसी नहीं रोक सके। बेर्वाल ने 2015 के वर्ल्ड मिलिट्री गेम्स में पाकिस्तानी मुक्केबाज के साथ हुई बातचीत का जिक्र किया।

पाकिस्तानी मुक्केबाज से था मुकाबला, सेना से आया था खास संदेश

नरेंद्र बेर्वाल ने बताया कि 2015 के वर्ल्ड मिलिट्री गेम्स में उनका पहला मुकाबला पाकिस्तान के मुक्केबाज से हुआ था। मुकाबले से पहले उन्हें सेना की ओर से संदेश मिला था कि पाकिस्तानी प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ मुकाबला हारना नहीं है। बेर्वाल ने मुकाबला जीत लिया, लेकिन दोनों मुक्केबाजों को चोटें आईं और उन्हें अस्पताल जाकर टांके लगवाने पड़े।

जब नाम को लेकर पाकिस्तानी बॉक्सर ने किया मजेदार कमेंट

अस्पताल में इलाज के दौरान पाकिस्तानी मुक्केबाज ने एक दिलचस्प बात पर गौर किया। बेर्वाल ने बताया कि उस प्रतियोगिता में उनके सेना के कोच का नाम भी नरेंद्र था और भारत के प्रधानमंत्री का नाम भी नरेंद्र है। बेर्वाल के मुताबिक, उनके पाकिस्तानी प्रतिद्वंद्वी ने इसी बात को लेकर मजाक करते हुए कहा था कि उनका नाम नरेंद्र है, उनके कोच का नाम नरेंद्र है और भारत के प्रधानमंत्री का नाम भी नरेंद्र है। इसके बाद उसने मजाक में कहा कि उसे 'नरेंद्र' नाम से नफरत हो गई है। यह किस्सा सुनते ही प्रधानमंत्री मोदी हंस पड़े।

कॉमनवेल्थ गेम्स में बेर्वाल ने जीता सिल्वर

नरेंद्र बेर्वाल ने ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पुरुष 90+ किग्रा बॉक्सिंग वर्ग में रजत पदक जीता। उनकी यह उपलब्धि भारतीय मुक्केबाजी के शानदार अभियान का हिस्सा रही। ग्लासगो गेम्स में भारतीय मुक्केबाजों ने कुल 10 पदक- 7 स्वर्ण और 3 रजत जीते, जो कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का बॉक्सिंग में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। बेर्वाल भारतीय सेना में जूनियर कमीशंड ऑफिसर हैं। उनके नाम 2023 एशियन गेम्स का कांस्य पदक और एशियन चैंपियनशिप के दो पदक भी हैं।

भारत ने ग्लासगो में जीते 39 पदक

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने कुल 39 पदक अपने नाम किए। इनमें 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य पदक शामिल रहे। भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा। ग्लासगो में 11 दिन तक चले खेलों के बाद कॉमनवेल्थ गेम्स का झंडा और सेरेमोनियल बैटन भारत को सौंपा गया, क्योंकि 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी अहमदाबाद करेगा।