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यूपी की बेटी प्राची ने एशियाई खेल में रचा इतिहास, 400 मीटर दौड़ में जीता कांस्य पदक

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सहारनपुर की बेटी प्राची चौधरी ने जापान में आयोजित 20वें एशियाई खेलों में 400 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतकर देश और परिवार का नाम रोशन किया है। प्राची की इस उपलब्धि के बाद सहारनपुर स्थित उनके घर में खुशी का माहौल है। रिश्तेदारों और परिचितों का बधाई देने के लिए पहुंचना जारी है। अब परिवार और सहारनपुर के लोगों की निगाहें 29 सितंबर को होने वाली रिले दौड़ पर टिकी हैं, जहां उनसे गोल्ड मेडल की उम्मीद की जा रही है।


400 मीटर दौड़ में जीता कांस्य पदक

प्राची चौधरी ने 400 मीटर दौड़ में कांस्य पदक अपने नाम किया। इससे पहले वह 2023 में चीन में आयोजित एशियाई खेलों में सिल्वर मेडल जीत चुकी हैं। इसके बाद उनका ओलंपिक के लिए भी चयन हुआ था, हालांकि उन्हें वहां दौड़ने का मौका नहीं मिला। दोबारा एशियाई खेलों के लिए चयन होने के बाद परिवार को उनसे पदक की उम्मीद थी, जिसे प्राची ने कांस्य पदक जीतकर पूरा किया।


29 सितंबर को रिले दौड़ में उतरेंगी

400 मीटर में कांस्य पदक जीतने के बाद अब प्राची चौधरी 29 सितंबर को रिले दौड़ में हिस्सा लेंगी। परिवार को उम्मीद है कि इस मुकाबले में प्राची और उनकी टीम गोल्ड मेडल अपने नाम करेगी। बेटी की जीत के बाद घर में जश्न का माहौल है और बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।


10 साल की उम्र से शुरू किया दौड़ने का सफर

परिवार के मुताबिक, प्राची ने महज 10 साल की उम्र में दौड़ना शुरू कर दिया था। उस समय परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं थी। इसके बावजूद प्राची ने हिम्मत नहीं छोड़ी और गांव की सड़कों पर कई बार नंगे पैर दौड़कर अभ्यास किया। लगातार मेहनत और संघर्ष के दम पर उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। आज उनके नाम एशियाई खेलों के सिल्वर और कांस्य पदक हैं और परिवार को अब गोल्ड मेडल का इंतजार है।


मां बोलीं- बेटी ने दुनिया में परिवार का नाम रोशन किया

प्राची की मां राजेश ने बताया कि मेडल जीतने के बाद उनकी बेटी से फोन पर बात हुई। बेटी की उपलब्धि से पूरा परिवार बेहद खुश है। उन्होंने कहा कि प्राची ने अपनी मेहनत के दम पर परिवार का नाम दुनिया में रोशन किया है। मां के मुताबिक, प्राची ने उनसे कहा कि कांस्य पदक जीत लिया है और अब गोल्ड मेडल जीतकर लाना है। बेटी की जीत के बाद घर में ढोल-नगाड़े बज रहे हैं और रिश्तेदारों व परिचितों का आना-जाना लगा हुआ है।


पिता बोले- बेटी पर गर्व है

प्राची के पिता जयवीर सिंह ने कहा कि उनकी बेटी लंबे समय से कड़ी मेहनत कर रही है। जिस तरह वह लगातार अभ्यास करती रही, उससे परिवार को पहले से ही भरोसा था कि वह पदक जरूर जीतेगी। उन्होंने कहा कि प्राची इससे पहले भी एशिया में पदक जीत चुकी हैं और इस बार भी उन्होंने अपनी मेहनत के दम पर देश के लिए मेडल हासिल किया है। बेटी की उपलब्धि पर पूरे परिवार को गर्व है।


जिस प्रतियोगिता में गईं, मेडल लेकर लौटीं

प्राची के भाई अंकित चौधरी ने बताया कि पदक जीतने के बाद जब प्राची ने फोन पर परिवार से बात की तो खुशी के कारण सभी भावुक हो गए। परिवार का कहना है कि प्राची अब तक जिस भी प्रतियोगिता में हिस्सा लेने गई हैं, वहां से बिना मेडल के वापस नहीं लौटीं। उनके पदकों के संग्रह में अब सिर्फ गोल्ड मेडल की कमी है। ऐसे में 29 सितंबर को होने वाली रिले दौड़ में प्राची के प्रदर्शन पर परिवार के साथ-साथ सहारनपुर के लोगों की भी नजरें रहेंगी।