RCB-DC के खिलाफ मैच में क्यों पहनेगी ग्रीन जर्सी? जानिए खास वजह
आईपीएल 2026 में शनिवार को एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) अपनी खास हरी जर्सी में नजर आएगी। यह कदम टीम के लंबे समय से चल रहे ‘ग्रीन इनिशिएटिव’ का हिस्सा है, जिसके जरिए वह पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दे रही है।
रीसाइकल किए गए कपड़ों से तैयार इस जर्सी के माध्यम से फ्रेंचाइजी अपने स्थायित्व (सस्टेनेबिलिटी) के प्रयासों को आगे बढ़ा रही है। RCB खुद को दुनिया की पहली और एकमात्र कार्बन-न्यूट्रल T20 टीम भी बताती है।
साल 2011 में शुरू हुआ यह अभियान अब टीम की कार्यप्रणाली का अहम हिस्सा बन चुका है। फ्रेंचाइजी अब अपने कार्बन फुटप्रिंट को मापने से लेकर फैंस को भी इस पहल से जोड़ने पर काम कर रही है। भविष्य में टीम का लक्ष्य कार्बन-न्यूट्रल से आगे बढ़कर कार्बन-पॉजिटिव बनना है।
फ्रेंचाइजी के सीईओ राजेश मेनन ने कहा कि कार्बन-न्यूट्रल बनने की उपलब्धि कई वर्षों की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने बताया कि ग्रीन जर्सी सिर्फ एक प्रतीक नहीं, बल्कि लोगों को पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनने के लिए प्रेरित करने का माध्यम भी है।
उन्होंने कहा, “ग्रीन जर्सी हमारे संकल्प को दर्शाती है। हम चाहते हैं कि हमारे फैंस और सहयोगी भी पर्यावरण के प्रति जागरूक बनें और टिकाऊ जीवनशैली अपनाएं।”
इस पहल के तहत मैच के दौरान दर्शकों के व्यवहार का भी विश्लेषण किया जाता है। स्टेडियम में सर्वे के जरिए यह समझने की कोशिश होती है कि लोग कैसे यात्रा कर रहे हैं, कारपूलिंग का कितना उपयोग हो रहा है और प्रति दर्शक कितना कार्बन उत्सर्जन हो रहा है।
स्टेडियम के भीतर कचरा प्रबंधन पर भी खास ध्यान दिया जाता है। कचरे का सही तरीके से अलगाव और निपटान सुनिश्चित किया जाता है, ताकि पर्यावरण पर प्रभाव कम से कम हो।
इसके अलावा टीम अपने संचालन से जुड़े हर पहलू—जैसे यात्रा, होटल में ठहराव और ऊर्जा खपत—का भी आंकलन करती है। पूरे सीजन के दौरान इन सभी पहलुओं की जांच की जाएगी और अंत में एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसे स्वतंत्र रूप से सत्यापित भी किया जाएगा।