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UP के डिग्री कॉलेजों में 2270 शिक्षकों की होगी भर्ती, उच्च शिक्षा विभाग ने शुरू की तैयारी
 

 

कानपुर: उत्तर प्रदेश के राजकीय और सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में शिक्षकों की कमी जल्द दूर की जाएगी। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. बीएल शर्मा ने रविवार को छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि प्रदेश के डिग्री कॉलेजों में कुल 2270 पदों पर शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। इनमें से 1253 पद राजकीय महाविद्यालयों के हैं, जिनके लिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) पहले ही विज्ञापन जारी कर चुका है। वहीं 1017 पद सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में भरे जाएंगे, जिनके लिए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं और भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।

डॉ. शर्मा ने बताया कि सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में रिक्त पदों का डाटा जुटाने के लिए ई-अधियाचन पोर्टल सक्रिय कर दिया गया है। इस पोर्टल के माध्यम से कॉलेजों से खाली पदों की जानकारी ली जाएगी, जिससे भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया जा सके।

इसके साथ ही प्रदेश में कार्यरत शिक्षकों के लिए ऑनलाइन ट्रांसफर व्यवस्था भी लागू की जा रही है। इस व्यवस्था के तहत प्राचार्यों और प्रबंधकों को निर्धारित समय के भीतर एनओसी देना अनिवार्य होगा। स्थानांतरण के लिए शिक्षक को कम से कम तीन वर्ष की सेवा पूरी करनी होगी और पूरी सेवा अवधि में एक बार ट्रांसफर का अवसर मिलेगा।

उच्च शिक्षा निदेशक ने यह भी बताया कि प्रदेश में उच्च शिक्षा के विस्तार के लिए पिछले वर्ष 46 नए राजकीय महाविद्यालय स्थापित किए गए हैं। साथ ही ‘यूपी प्रमाण पोर्टल’ के माध्यम से 42 मानकों के आधार पर राजकीय और सहायता प्राप्त कॉलेजों की रैंकिंग की जाएगी। रैंकिंग में टॉप-10 कॉलेजों को शासन की ओर से दो करोड़ रुपये की विशेष ग्रांट दी जाएगी। वहीं पिछड़ने वाले कॉलेजों को भी अपनी सुविधाओं और शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार का अवसर मिलेगा।