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यादव समाज से आते हैं 95% अपराधी: ओपी राजभर का विवादित बयान, अखिलेश यादव पर साधा निशाना
 

 

आजमगढ़। उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी और उसके अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। गुरुवार को आजमगढ़ में मीडिया से बातचीत के दौरान राजभर ने दावा किया कि प्रदेश में होने वाले 95 प्रतिशत अपराधों में यादव समाज के लोग आरोपी पाए जाते हैं।

ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि बाराबंकी में एक राजभर युवक की गर्दन काट दी गई और मऊ में एक बेटी की हत्या कर दी गई। ऐसे कई मामलों में यादव समाज के लोगों के नाम सामने आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अपराधियों को संरक्षण देना और जाति के आधार पर राजनीति करना समाजवादी पार्टी की पुरानी संस्कृति रही है।

जौनपुर मुठभेड़ को लेकर अखिलेश यादव द्वारा उठाए गए सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए राजभर ने कहा कि जिस रवि यादव के समर्थन में विपक्ष बयानबाजी कर रहा है, उसके खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास सहित 23 गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को पहले आरोपी का आपराधिक इतिहास पढ़ना चाहिए, उसके बाद कोई बयान देना चाहिए।

राजभर ने आरोप लगाया कि जब पिछड़े और दलित समाज के लोगों पर अत्याचार होता है या उनकी हत्या की जाती है, तब समाजवादी पार्टी के नेता चुप्पी साध लेते हैं। लेकिन जब आरोपी उनकी जाति का होता है तो उसे बचाने के लिए पूरी ताकत लगा दी जाती है।

पूर्वांचल में राजभर वोट बैंक को लेकर बढ़ी सियासी सक्रियता

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में राजभर समाज की आबादी करीब 12 प्रतिशत मानी जाती है, जबकि पूर्वांचल के कई जिलों में यह आंकड़ा 12 से 22 प्रतिशत तक बताया जाता है। पूर्वांचल की दो दर्जन से अधिक लोकसभा सीटों पर राजभर वोटरों की संख्या 50 हजार से लेकर ढाई लाख तक है, जिससे चुनावी नतीजों पर उनका प्रभाव महत्वपूर्ण माना जाता है।

इसी वजह से ओम प्रकाश राजभर लगातार पूर्वांचल में अपने समाज को संगठित करने और राजनीतिक आधार मजबूत करने में जुटे हुए हैं। वहीं विपक्षी दल भी राजभर वोटरों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। इससे पहले भी ओपी राजभर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर अखिलेश यादव की राजनीति को "एसी-पीसी और ट्विटर वाली राजनीति" बता चुके हैं।