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केंद्रीय प्रधान के इस्तीफे पर अखिलेश यादव बोले- यह नई पीढ़ी की बड़ी जीत, शिक्षा व्यवस्था में सुधार करे सरकार
 

 

आजमगढ़। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को आजमगढ़ में कहा कि यह नई पीढ़ी और युवाओं की बड़ी जीत है। उन्होंने कहा कि सरकार को अब प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक पूरी व्यवस्था की गंभीर समीक्षा करनी चाहिए और शिक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार करना चाहिए।

अखिलेश यादव शनिवार को दिवंगत सपा विधायक आलमबदी के आवास पर शोक संवेदना व्यक्त करने पहुंचे थे। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि लगातार सामने आ रही पेपर लीक की घटनाओं को रोकने के लिए सरकार को ठोस और प्रभावी कदम उठाने होंगे। उन्होंने कहा कि इंटरनेट और सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं द्वारा चलाए गए आंदोलन ने भारतीय जनता पार्टी को झुकने पर मजबूर कर दिया।

सपा प्रमुख ने कहा कि यह केवल एक मंत्री के इस्तीफे का मामला नहीं है, बल्कि युवाओं की आवाज़ की जीत है। उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दलों को इससे सीख लेनी चाहिए और भविष्य में परीक्षाओं की व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी एवं सुरक्षित बनाने की दिशा में काम करना चाहिए, ताकि पेपर लीक जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

उन्होंने युवाओं के रोजगार का मुद्दा भी उठाते हुए कहा कि सरकार को शिक्षा के साथ-साथ रोजगार और सरकारी नौकरियों के अवसर बढ़ाने पर भी ध्यान देना होगा। उनके अनुसार, यह फैसला पहले ही लिया जाना चाहिए था, लेकिन सरकार लंबे समय तक केवल प्रबंधन में लगी रही।

अखिलेश यादव ने कहा कि आज की नई पीढ़ी जागरूक है और अपने अधिकारों के लिए आवाज़ उठाना जानती है। उन्होंने कहा कि युवाओं की ताकत का ही असर है कि सरकार को उनकी मांगों पर ध्यान देना पड़ा। यह लोकतंत्र में युवाओं की भागीदारी और उनकी जागरूकता का बड़ा उदाहरण है।

उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा इस बात का संकेत है कि सरकार को युवाओं की समस्याओं और उनकी आवाज़ को गंभीरता से सुनना होगा। शिक्षा व्यवस्था में सुधार अब केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य का सवाल है। अखिलेश यादव ने सभी राजनीतिक दलों से शिक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए मिलकर काम करने की अपील भी की।