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2027 चुनाव से पहले अखिलेश यादव का PDA दांव, दिया नारा— ‘पीडीए को जिताएंगे, संविधान को बचाएंगे’
 

 

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फार्मूले को तेज़ी से आगे बढ़ाना शुरू कर दिया है। सपा प्रमुख ने युवाओं से सीधा संवाद करते हुए उन्हें संगठन मजबूत करने और सामाजिक न्याय की लड़ाई में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक विस्तृत पोस्ट में लिखा कि “हर पीडीए को जोड़ती है पीड़ा की एक डोर, चलो चलें अनुशासन से शासन की ओर।” उन्होंने कहा कि पीडीए के उत्थान के लिए युवाओं को खुद आगे आना होगा और अपने समय को खुद बदलना होगा।

सपा अध्यक्ष ने ‘पीडीए को जिताएंगे, संविधान को बचाएंगे’ का नारा देते हुए कहा कि जब पीडीए की सरकार बनेगी तभी संविधान सुरक्षित रहेगा। उन्होंने दावा किया कि संविधान बचने से ही अधिकार और आरक्षण सुरक्षित रहेंगे और युवाओं को बिना भेदभाव के रोजगार और अवसर मिल सकेंगे।

अखिलेश यादव ने बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा कि इस बार बुजुर्गों के आशीर्वाद और युवाओं की मेहनत से पीडीए सरकार बनाने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि चुनाव में गड़बड़ी और धांधली की कोशिश हो सकती है, इसलिए युवाओं को सतर्क रहना होगा।

उन्होंने युवाओं को चेताया कि उकसावे में आकर प्रतिक्रिया न दें, बल्कि संयम और अनुशासन के साथ काम करें। साथ ही कहा कि पीडीए के कार्यकर्ता चुनावी अनियमितताओं पर नजर रखें और किसी भी गड़बड़ी के सबूत जुटाकर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करें।

सपा प्रमुख ने दावा किया कि 2027 का चुनाव भाजपा के लिए सबसे कठिन साबित होगा। उन्होंने कहा कि युवा, महिला, किसान, मजदूर और कारोबारी वर्ग इस बार बदलाव के लिए तैयार हैं और “पीडीए समाज” के जरिए सामाजिक न्याय की स्थापना की जाएगी।

अंत में उन्होंने कहा कि “पीडीए हमारे मान-सम्मान का इंकलाब है” और इसके उत्थान के लिए सभी को मिलकर संघर्ष करना होगा।