आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को योगी सरकार का तोहफा, अब हर साल मिलेंगी 3 साड़ियां
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के लिए महत्वपूर्ण फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को प्रतिवर्ष एक अतिरिक्त साड़ी उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इस फैसले के बाद अब उन्हें साल में दो के बजाय तीन साड़ियां मिलेंगी। सरकार के इस निर्णय से प्रदेश की करीब 3.80 लाख आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को लाभ मिलेगा।
3.80 लाख कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को मिलेगा लाभ
कैबिनेट बैठक के बाद प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि उत्तर प्रदेश में कुल 1,90,145 आंगनबाड़ी केंद्र स्वीकृत हैं। इन केंद्रों के लिए 1,90,145 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और इतनी ही सहायिकाओं के पद स्वीकृत हैं।
सरकार ने सभी स्वीकृत पदों को ध्यान में रखते हुए कुल 3,80,290 कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को एक-एक अतिरिक्त साड़ी देने का निर्णय लिया है। इस योजना पर राज्य सरकार करीब 19.02 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
तीसरी साड़ी का पूरा खर्च उठाएगी राज्य सरकार
वर्तमान व्यवस्था के तहत आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को हर साल दो साड़ियां उपलब्ध कराई जाती हैं। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार के बीच 60:40 के अनुपात में वित्तीय भागीदारी होती है।
नई व्यवस्था के तहत तीसरी साड़ी का पूरा खर्च उत्तर प्रदेश सरकार स्वयं वहन करेगी। प्रत्येक अतिरिक्त साड़ी की कीमत 500 रुपये निर्धारित की गई है। इसके लिए कुल 19 करोड़ 1 लाख 45 हजार रुपये का अनुमानित बजट तय किया गया है।
कार्यकत्रियों की व्यावहारिक समस्याओं को देखते हुए लिया फैसला
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को केंद्रों पर निर्धारित वेशभूषा में कार्य करना होता है। प्रतिदिन साड़ी पहनने, नियमित धुलाई, मौसम की परिस्थितियों और साड़ी के अचानक गंदा या खराब हो जाने के कारण कई बार उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इन्हीं व्यावहारिक समस्याओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने एक अतिरिक्त साड़ी देने का निर्णय लिया है। इससे कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को नियमित कार्य के दौरान वेशभूषा संबंधी सुविधा मिलेगी।
बच्चों और महिलाओं के पोषण में अहम भूमिका निभाती हैं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां
प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से छह माह से छह वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को अनुपूरक पुष्टाहार उपलब्ध कराया जाता है। इसके अतिरिक्त आकांक्षात्मक जिलों में 14 से 18 वर्ष की किशोरियों को भी पोषण संबंधी सेवाएं प्रदान की जाती हैं।
इन योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने और पात्र लाभार्थियों तक सेवाएं पहुंचाने में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। राज्य सरकार का यह निर्णय उनके दैनिक कार्यों में सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लिया गया है
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यूपी की 3.80 लाख आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को बड़ी सौगात! योगी कैबिनेट ने हर साल दो के बजाय तीन साड़ियां देने का फैसला लिया है। तीसरी साड़ी का पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी। इसके लिए करीब 19.02 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।