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बेसिक शिक्षा विभाग में 31 मार्च 2027 तक अंतरजनपदीय तबादलों पर रोक, शासन ने जारी किया आदेश
 

 

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षकों के सामान्य अंतरजनपदीय स्थानांतरण पर शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए रोक लगा दी है। शासन द्वारा जारी नए आदेश के अनुसार अब केवल विशेष, मानवीय और चिकित्सीय परिस्थितियों में ही शिक्षकों के तबादलों पर विचार किया जाएगा।

अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि वर्ष 2026-27 की जनगणना में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों का 31 मार्च 2027 तक स्थानांतरण नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही बेसिक शिक्षा विभाग में सामान्य अंतरजनपदीय तबादलों की प्रक्रिया भी स्थगित रहेगी।

दंपति शिक्षकों को मिलेगी राहत

सरकार ने ऐसे दंपति शिक्षकों के लिए राहत का प्रावधान किया है जो दोनों बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत हैं। शिक्षक-छात्र अनुपात (पीटीआर) को ध्यान में रखते हुए पति या पत्नी में से किसी एक का स्थानांतरण किया जा सकेगा, जिससे परिवार एक ही स्थान पर रह सके।

शासनादेश में यह भी कहा गया है कि यदि किसी शिक्षक के सामने कोई विशेष या अत्यंत कठिन परिस्थिति उत्पन्न होती है तो मुख्यमंत्री की स्वीकृति के बाद उसके स्थानांतरण पर विचार किया जा सकता है।

दिव्यांग और गंभीर बीमारियों से पीड़ित शिक्षकों को छूट

नई नीति के तहत दिव्यांग शिक्षकों, उनके जीवनसाथी अथवा अविवाहित पुत्र-पुत्री के मामलों में अंतरजनपदीय स्थानांतरण की अनुमति दी जा सकती है। इसके अलावा कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित शिक्षक या उनके अविवाहित बच्चों के मामलों में भी तबादले पर विचार होगा। डायलिसिस पर निर्भर मरीजों को भी विशेष श्रेणी में रखा गया है।

शैक्षिक व्यवस्था और जनगणना को देखते हुए फैसला

सरकार का मानना है कि शैक्षिक सत्र के दौरान बड़े पैमाने पर तबादलों से विद्यालयों की शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। वहीं आगामी जनगणना कार्य को देखते हुए कर्मचारियों की उपलब्धता बनाए रखना भी आवश्यक है। इसी कारण सामान्य तबादलों पर रोक लगाते हुए मानवीय और चिकित्सीय मामलों को प्राथमिकता दी गई है।

इस निर्णय से सामान्य तबादले की उम्मीद लगाए बैठे हजारों शिक्षकों को फिलहाल निराशा हाथ लगी है, जबकि गंभीर बीमारी, दिव्यांगता और पारिवारिक परिस्थितियों से जूझ रहे शिक्षकों को राहत मिलने की संभावना बनी हुई है।

वन विभाग में बढ़ी तबादलों की समय सीमा

वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश सरकार ने वन विभाग में तबादलों की अंतिम तिथि बढ़ाकर 15 जून 2026 कर दी है। इससे विभाग में लंबित स्थानांतरण मामलों के निस्तारण का रास्ता साफ हो गया है। अधिकांश विभागों में तबादलों की अंतिम तिथि 31 मई निर्धारित थी, लेकिन राज्य कर विभाग के बाद अब वन विभाग को भी अतिरिक्त समय दिया गया है।

नए आदेश के तहत वन विभाग में अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले 15 जून तक किए जा सकेंगे, जिससे लंबित मामलों का निपटारा संभव हो सकेगा।