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भदोही के कालीन की दुनिया में बढ़ी धाक, बोले सीएम योगी- अब कारीगरों को नहीं करना पड़ता पलायन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भदोही में इंडिया कारपेट एक्सपो के स्वर्ण जयंती संस्करण का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बेहतर कानून-व्यवस्था, कनेक्टिविटी और ओडीओपी जैसी योजनाओं से कालीन उद्योग को नई पहचान मिली है। एक्सपो में 65 देशों के 450 से अधिक विदेशी खरीदार और करीब 250 एग्जीबिटर हिस्सा ले रहे हैं।
 

भदोही: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अब कारीगरों और हस्तशिल्पियों को रोजगार के लिए पलायन करने की जरूरत नहीं है। भदोही का कालीन उद्योग इसका उदाहरण है, जहां स्थानीय कारीगर अपनी माटी में रहकर हुनर को दुनिया के बाजार तक पहुंचा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने रविवार को संत रविदास नगर के कारपेट एक्सपो मार्ट में इंडिया कारपेट एक्सपो के स्वर्ण जयंती संस्करण का शुभारंभ किया।

चार से सात अक्टूबर तक चलने वाले इस एक्सपो में करीब 250 एग्जीबिटर्स और 65 देशों के 450 से अधिक विदेशी खरीदार हिस्सा ले रहे हैं। इनमें ब्रिक्स देशों के 106 खरीदार भी शामिल हैं।

सीएम योगी बोले- पहले दंगा और माफियागिरी से कारोबार था प्रभावित

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में दंगा, कर्फ्यू, उपद्रव और माफियागिरी के कारण कारोबार का माहौल प्रभावित था। उनका दावा था कि उस समय कारीगरों के सामने रोजगार और पलायन का संकट था और देश-विदेश से खरीदार भी प्रदेश में आने से कतराते थे।

उन्होंने कहा कि अब कानून-व्यवस्था में सुधार के साथ कारोबार के लिए माहौल बदला है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, अब कोई माफिया खुलेआम हथियार लहराकर व्यापारी को धमका नहीं सकता और न ही महिलाओं की सुरक्षा में सेंध लगा सकता है।

ओडीओपी में शामिल हुआ भदोही का कालीन

योगी ने कहा कि सरकार ने वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट (ODOP) योजना के तहत भदोही के कालीन को तकनीक, डिजाइन और बड़े बाजार से जोड़ने पर काम किया। इससे स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को अपने उत्पाद को देश-विदेश के बाजार में पहुंचाने का प्लेटफॉर्म मिला।

मुख्यमंत्री के अनुसार, संत रविदास नगर और सिल्क क्लस्टर से करीब 6,100 करोड़ रुपये का निर्यात हो रहा है। देश के कुल कालीन निर्यात में संत रविदास नगर, मीरजापुर और वाराणसी के सिल्क क्लस्टर की हिस्सेदारी करीब 60 प्रतिशत है।

भदोही में 2,500 से ज्यादा MSME यूनिट

मुख्यमंत्री ने बताया कि संत रविदास नगर में करीब 2,500 MSME यूनिट हैं, जिनका सालाना कारोबार लगभग 10 हजार करोड़ रुपये है। इस उद्योग से पांच लाख से अधिक लोगों को सीधे रोजगार मिलने का दावा भी उन्होंने किया।

उन्होंने कहा कि जिले में तैयार करीब 90 प्रतिशत कालीन अमेरिका, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और ब्रिटेन समेत कई देशों को निर्यात किए जाते हैं। भदोही के हस्तनिर्मित कालीन को GI टैग भी प्राप्त है।

कालीन और टेक्सटाइल क्षेत्र के लिए तकनीकी शिक्षा, डिजाइनिंग और डाइंग का प्रशिक्षण देने के लिए भदोही में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ कारपेट टेक्नोलॉजी भी स्थापित है।

विंध्य एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी बढ़ाने की तैयारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर सड़क और हवाई कनेक्टिविटी का सीधा फायदा कालीन उद्योग को मिलेगा। उन्होंने बताया कि गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तार और प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेसवे के जरिए भदोही को बेहतर हाई-स्पीड कनेक्टिविटी मिलेगी।

प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेसवे प्रयागराज से शुरू होकर भदोही, मीरजापुर और सोनभद्र की ओर जाएगा। सरकार ने 333 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे को मंजूरी दी है।

योगी ने कहा कि कनेक्टिविटी बेहतर होने के बाद भदोही से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंच आसान होगी और एयर कार्गो सुविधा के जरिए कालीन को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक तेजी से पहुंचाया जा सकेगा। वाराणसी-हल्दिया इनलैंड वाटरवे और वाराणसी एयरपोर्ट की कार्गो सुविधा का भी उद्योग को लाभ मिलने की बात उन्होंने कही।

यूपी को मिले 50 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर कानून-व्यवस्था और निवेश के माहौल का असर प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र में दिखाई दे रहा है। उनके अनुसार, उत्तर प्रदेश को करीब 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इनमें से 15 लाख करोड़ रुपये के प्रस्तावों की ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी है, जबकि करीब साढ़े सात लाख करोड़ रुपये के उद्योग जल्द धरातल पर आने की बात उन्होंने कही।

योगी ने बताया कि प्रदेश में करीब 96 लाख MSME यूनिट हैं और प्रत्येक यूनिट को पांच लाख रुपये का सुरक्षा बीमा कवर दिया जा रहा है।

14 हजार से बढ़कर 35 हजार से ज्यादा हुए कारखाने

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि 2017 से पहले प्रदेश में करीब 14 हजार कारखाने थे, जबकि अब इनकी संख्या बढ़कर 35 हजार से अधिक हो गई है।

उन्होंने कहा कि देश में बनने वाले मोबाइल फोन का करीब 55 प्रतिशत और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट का 60 प्रतिशत हिस्सा उत्तर प्रदेश में तैयार हो रहा है। प्रदेश में डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के छह नोड पर काम चल रहा है और 12 निजी औद्योगिक पार्क विकसित किए जा रहे हैं। निवेश मित्र, निवेश सारथी और उद्यमी मित्र जैसी व्यवस्थाओं के जरिए निवेशकों को सुविधाएं देने का भी मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया।

नए संसद भवन में भी बिछा है भदोही का कालीन

मुख्यमंत्री ने कहा कि भदोही के कारीगरों का हुनर अब देश-दुनिया के बड़े संस्थानों तक पहुंच चुका है। उनके मुताबिक, नए संसद भवन में बिछा कालीन भी संत रविदास नगर में तैयार हुआ है।

उन्होंने कहा कि जिले के पास GI टैग, ODOP प्लेटफॉर्म, कारपेट एक्सपो मार्ट और मजबूत निर्यात तंत्र जैसी सुविधाएं हैं। इसके अलावा लखनऊ और हरदोई के बीच करीब एक हजार एकड़ में पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क विकसित किया जा रहा है।

हर जिले में स्किलिंग जोन बनाने की तैयारी

योगी ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल एंप्लॉयमेंट एंड स्किलिंग जोन बनाने की तैयारी है। इन केंद्रों में स्थानीय उद्योगों की जरूरत के मुताबिक युवाओं और कामगारों को प्रशिक्षण देकर कुशल मानव संसाधन तैयार किया जाएगा।

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का भी किया जिक्र

मुख्यमंत्री ने हाल में ग्रेटर नोएडा में आयोजित यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 25 से 29 सितंबर तक आयोजित ट्रेड शो में छह लाख से अधिक लोग पहुंचे और डेढ़ लाख से ज्यादा B2B बैठकें हुईं। इसमें 2,400 से अधिक एग्जीबिटर्स और 650 से ज्यादा विदेशी खरीदार शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के आयोजन उत्तर प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।