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उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा झटका: फरवरी से 10% ज्यादा आएगा बिल, जानें कारण
 

 

लखनऊ I उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने राज्य के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं पर एक बड़ा बोझ डाल दिया है। नए आदेश के अनुसार, फरवरी 2026 के बिजली बिल में 10 प्रतिशत फ्यूल एंड पावर पर्चेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (FPPAS) वसूला जाएगा। यह सरचार्ज नवंबर 2025 में बिजली खरीद की अतिरिक्त लागत की भरपाई के लिए लगाया गया है, जिससे उपभोक्ताओं को लगभग 616 करोड़ रुपये अतिरिक्त चुकाने पड़ेंगे।

UPPCL के अनुसार, नवंबर 2025 में कुल 8849.03 मिलियन यूनिट बिजली खरीदी गई, जिसकी वास्तविक दर 5.79 रुपये प्रति यूनिट रही, जबकि उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (UPERC) द्वारा स्वीकृत दर मात्र 4.94 रुपये प्रति यूनिट थी। इसी अंतर के कारण इतना ऊंचा सरचार्ज तय किया गया है। यह जनवरी 2025 से अब तक का सबसे अधिक फ्यूल सरचार्ज है। तुलना के लिए, जनवरी 2026 में -2.33% (रिबेट) था, जबकि दिसंबर 2025 में 5.56% सरचार्ज वसूला गया था।

इस फैसले से राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद नाराज है। परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने UPERC से फ्यूल सरचार्ज वसूली पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने बिजली खरीद प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए स्वतंत्र और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। वर्मा ने कहा कि मई 2025 में भीषण गर्मी के बावजूद बिजली 4.76 रुपये प्रति यूनिट की दर से खरीदी गई थी, लेकिन नवंबर जैसे सामान्य मांग वाले महीने में इतनी महंगी खरीद संदेहास्पद है। उन्होंने इसे असंवैधानिक बताते हुए उपभोक्ताओं के आर्थिक नुकसान की ओर इशारा किया।

बता दें कि मल्टी ईयर टैरिफ रेगुलेशन 2025 के तहत बिजली कंपनियों को हर महीने फ्यूल और पावर खरीद लागत के आधार पर सरचार्ज तय करने का अधिकार मिला हुआ है, जिसके चलते बिजली दरें मासिक आधार पर उतार-चढ़ाव कर रही हैं। उपभोक्ताओं को सलाह है कि वे अपने बिल की जांच करें और यदि जरूरी हो तो परिषद या नियामक आयोग से संपर्क करें।