25 शादियां, 600 करोड़ की ठगी? विधायक के समधी पर करोड़ों की ठगी का आरोप, जानिए क्या है पूरा मामला?
सीतापुर: उत्तर प्रदेश के सीतापुर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक विधायक के समधी पर कई महिलाओं से शादी कर करोड़ों रुपये की कथित ठगी करने के आरोपों ने सनसनी फैला दी है। महाराष्ट्र और प्रयागराज की कुछ महिलाओं ने जिला प्रशासन से शिकायत कर आरोप लगाया है कि आरोपी ने वैवाहिक संबंधों का झांसा देकर बड़ी रकम और जेवरात हासिल किए। प्रशासन ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। फिलहाल इन आरोपों की जांच जारी है और पुलिस सभी तथ्यों की पड़ताल कर रही है।
महिलाओं ने एडीएम को सौंपा शिकायत पत्र
महाराष्ट्र और प्रयागराज से आई महिलाओं के एक समूह ने सीतापुर के अपर जिलाधिकारी (एडीएम) आयुष चौधरी को सामूहिक शिकायत पत्र सौंपा। शिकायत में दावा किया गया है कि आरोपी अनुज त्रिवेदी ने कई महिलाओं को विवाह का झांसा देकर कथित रूप से बड़ी आर्थिक धोखाधड़ी की।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि आरोपी ने करीब 25 महिलाओं से शादी कर लगभग 600 करोड़ रुपये और बड़ी मात्रा में सोना-चांदी हड़पने का काम किया। महिलाओं ने आरोपी की संपत्ति कुर्क कर कथित रूप से ठगी गई रकम और जेवर वापस दिलाने की मांग भी की है।
एफआईआर दर्ज न होने का भी लगाया आरोप
शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि राजनीतिक प्रभाव के कारण उनके मामलों में समय पर कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
एडीएम आयुष चौधरी ने शिकायत मिलने के बाद पुलिस को पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
महाराष्ट्र में दर्ज है मामला, आरोपी जेल में
जानकारी के अनुसार, अनुज त्रिवेदी के खिलाफ महाराष्ट्र में पहले से एक आपराधिक मामला दर्ज है। वर्तमान में वह महाराष्ट्र की जेल में बंद बताया जा रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, महाराष्ट्र पुलिस ने उसे ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसियों का कहना है कि आरोपी ने अलग-अलग नामों और पहचान का इस्तेमाल कर कथित रूप से कई लोगों से संपर्क किया।
कैसे सामने आया मामला?
पुलिस के अनुसार, वर्ष 2022 में महाराष्ट्र के ठाणे जिले के नयानगर पुलिस स्टेशन में एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि वैवाहिक विज्ञापन के माध्यम से संपर्क करने वाले व्यक्ति ने विवाह के बाद परिवार का विश्वास जीतकर बड़ी रकम और कीमती आभूषण हासिल किए और बाद में फरार हो गया।
जांच के दौरान पुलिस को शक हुआ कि इसी तरह की शिकायतें अन्य महिलाओं से भी जुड़ी हो सकती हैं। इसी आधार पर मामले की जांच का दायरा बढ़ाया गया।
फर्जी पहचान का भी आरोप
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी कथित रूप से अलग-अलग नामों और पहचान का इस्तेमाल करता था। पुलिस ने गिरफ्तारी के समय उसके पास से विभिन्न दस्तावेज, मोबाइल फोन और अन्य सामग्री भी बरामद की थी। जांच में इनकी भी पड़ताल की जा रही है।
विधायक ने सोशल मीडिया पर दी प्रतिक्रिया
मामले के सार्वजनिक होने के बाद संबंधित भाजपा विधायक ने सोशल मीडिया पर अपनी बेटी के साथ एक भावुक वीडियो साझा किया। वीडियो में उन्होंने कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की भी बात कही।