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अखिलेश यादव के रामलला दर्शन पर ब्रजेश पाठक का तंज, बोले- 'बहुत देर कर दी हुजूर आते-आते, अब ट्रेन छूट चुकी है'
 

 

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के प्रस्तावित अयोध्या दौरे को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। अखिलेश यादव 12 दिसंबर को पत्नी डिंपल यादव और बच्चों के साथ अयोध्या पहुंचकर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला के दर्शन करेंगे। इस घोषणा के बाद प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने सपा प्रमुख पर तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने आने में बहुत देर कर दी और अब ट्रेन छूट चुकी है।

शनिवार को अयोध्या में आयोजित 'पंचायत आजतक' कार्यक्रम के दौरान ब्रजेश पाठक से अखिलेश यादव के राम मंदिर जाने को लेकर सवाल पूछा गया। इस पर उन्होंने पूर्व भारतीय क्रिकेटर दिलीप दोषी का उदाहरण देते हुए कहा कि 'देर आए दुरुस्त आए' वाली कहावत उनके लिए कही गई थी, क्योंकि उन्होंने अधिक उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था और उन्हें कम मैच खेलने का अवसर मिला।

इसके बाद अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए ब्रजेश पाठक ने कहा, "बहुत देर कर दी हुजूर आते-आते, अब ट्रेन छूट गई है, तुम घर जाओ।" उन्होंने आरोप लगाया कि जनता विपक्ष के राजनीतिक पैंतरों को समझ चुकी है।

12 दिसंबर को परिवार के साथ अयोध्या जाएंगे अखिलेश यादव

समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री पवन पांडे ने शनिवार को अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे की तारीख की घोषणा की। उन्होंने बताया कि सपा प्रमुख 12 दिसंबर को पत्नी डिंपल यादव, बेटे और बेटी के साथ अयोध्या पहुंचेंगे।

इस दौरान अखिलेश यादव श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला के दर्शन और पूजन करेंगे। इसके अलावा वह हनुमानगढ़ी मंदिर भी जाएंगे। पवन पांडे के अनुसार, सपा प्रमुख अयोध्या में साधु-संतों और महंतों से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लेंगे। उन्होंने इस यात्रा को धार्मिक दौरा बताया है।

ब्रजेश पाठक बोले- अयोध्या आ रहे हैं तो स्वागत है

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने अखिलेश यादव के प्रस्तावित दौरे पर कटाक्ष करने के साथ यह भी कहा कि यदि वह अयोध्या दर्शन करने आ रहे हैं तो उनका स्वागत है। उन्होंने सपा प्रमुख को कलावा बांधने, तिलक लगाने और रामनामी पहनकर भगवान राम का स्मरण करने की सलाह दी।

ब्रजेश पाठक ने कहा कि भाजपा सरकार ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण और सनातन संस्कृति को आगे बढ़ाने की दिशा में काम किया है। उन्होंने समाजवादी पार्टी की राजनीति पर भी सवाल उठाए।

पहले भी अयोध्या और वाराणसी के दौरे पर उठ चुके हैं सवाल

अखिलेश यादव इससे पहले भी अयोध्या जा चुके हैं, लेकिन हाल के दौरे में राम मंदिर जाकर रामलला के दर्शन नहीं करने को लेकर भाजपा नेताओं ने उन पर सवाल उठाए थे।

इसी तरह वाराणसी दौरे के दौरान काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन नहीं करने को लेकर भी भाजपा की ओर से राजनीतिक टिप्पणियां की गई थीं। अब 12 दिसंबर को प्रस्तावित राम मंदिर यात्रा के बाद एक बार फिर इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले अखिलेश यादव के इस धार्मिक दौरे और भाजपा नेताओं की प्रतिक्रियाओं को लेकर राजनीतिक चर्चा बढ़ गई है। हालांकि, समाजवादी पार्टी की ओर से इस यात्रा को धार्मिक कार्यक्रम बताया गया है।