बकरीद पर मायावती का संदेश, बोलीं- धर्म के नाम पर लोगों को बांटने की राजनीति के खिलाफ है बसपा
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने ईद-उल-अज़हा के अवसर पर देशवासियों को बधाई दी है। उन्होंने बृहस्पतिवार को जारी अपने संदेश में कुर्बानी के इस पवित्र त्योहार को त्याग, भाईचारे और इंसानियत का संदेश बताया।
मायावती ने कहा कि बसपा के चार बार के शासनकाल में हर घर में बरकत, हर दिल में अमन और हर बस्ती में खुशहाली थी। उन्होंने कहा, “हमें एक बार फिर वैसा ही प्रदेश बनाना है। बसपा अपनी सर्वसमाज-हितैषी सरकार के लिए आज भी पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”
उन्होंने वर्तमान राजनीतिक माहौल पर चिंता जताते हुए कहा, “आज जब देश में नफरत की राजनीति हो रही है और भाई को भाई से लड़ाया जा रहा है, तब ईद का यह पैगाम और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है।”
मायावती ने डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के संविधान का हवाला देते हुए कहा कि संविधान हमें सिखाता है कि इस देश में हर नागरिक बराबर है, चाहे उसका मजहब कोई भी हो या जाति कोई भी हो। उन्होंने मंदिर-मस्जिद के नाम पर वोट मांगने वाली राजनीति का विरोध किया।
उन्होंने जोर देकर कहा, “हम उस भारत के साथ हैं जहां ईद, दिवाली और होली सब मिलकर मनाए जाते हैं। भारत एक रहे, मजबूत रहे।”