गोरखपुर में सीएम योगी की अगुवाई में निकली तिरंगा यात्रा, बोले- राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान हर नागरिक का दायित्व
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गोरखपुर में तिरंगा यात्रा का नेतृत्व करते हुए कहा कि तिरंगा केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि भारत की आन, बान और शान तथा क्रांतिकारियों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के सर्वोच्च त्याग की अमिट पहचान है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रध्वज के साथ वंदे मातरम, राष्ट्रगान और देश की विरासत के प्रति सम्मान की भावना हर भारतीय के मन में होनी चाहिए।
नगर निगम परिसर स्थित रानी लक्ष्मीबाई पार्क में मुख्यमंत्री ने रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर तिरंगा यात्रा का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने यात्रा में शामिल लोगों को संबोधित करते हुए राष्ट्र के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में निकली यात्रा में हजारों की संख्या में युवा और नागरिक हाथों में तिरंगा लेकर शामिल हुए। भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारों से पूरा मार्ग राष्ट्रभक्ति के रंग में रंग गया। कई स्थानों पर लोगों ने यात्रा का स्वागत करते हुए पुष्पवर्षा भी की।
तिरंगा स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग की पहचान
सीएम योगी ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान अलग-अलग समय पर विभिन्न स्वरूपों के ध्वज संघर्ष के प्रतीक बने। वर्ष 1905 के स्वदेशी आंदोलन से लेकर स्वतंत्रता आंदोलन के विभिन्न चरणों में राष्ट्रीय ध्वज का स्वरूप विकसित हुआ और आजाद भारत ने धर्मचक्र युक्त तिरंगे को राष्ट्रीय ध्वज के रूप में स्वीकार किया।
उन्होंने कहा कि आज हर भारतीय को अपने घर पर सम्मानपूर्वक तिरंगा फहराने की स्वतंत्रता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर शुरू हुआ हर घर तिरंगा अभियान इसी भावना को मजबूत कर रहा है। मुख्यमंत्री ने लोगों से इस वर्ष भी अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने और अपने घरों पर तिरंगा फहराने की अपील की।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष देश में पांच करोड़ घरों पर तिरंगा फहराने का लक्ष्य रखा गया है। सरकारी, अर्द्धसरकारी और निजी संस्थानों, उद्योगों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों तथा घरों में तिरंगा फहराकर राष्ट्र के प्रति सम्मान व्यक्त करने का आह्वान किया गया। मुख्यमंत्री ने यात्रा में शामिल लोगों से तिरंगे के साथ सेल्फी लेकर अभियान को आगे बढ़ाने की भी अपील की।
काकोरी से चौरीचौरा तक बलिदान की गाथा का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश को आजादी आसानी से नहीं मिली। मंगल पांडेय, रानी लक्ष्मीबाई, तात्या टोपे और गोरखपुर के बंधू सिंह जैसे वीरों ने स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया। उन्होंने चौरीचौरा और काकोरी की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन घटनाओं ने स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा देने का काम किया।
काकोरी कांड का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने कहा कि क्रांतिकारियों ने अंग्रेजी शासन के धन को अपने कब्जे में लेकर उसे देश की आजादी के संघर्ष में इस्तेमाल किया था। इसे केवल डकैती के रूप में देखना क्रांतिकारियों के योगदान को कम करके आंकना होगा।
उन्होंने राम प्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह, अशफाक उल्ला खां और राजेंद्रनाथ लाहिड़ी समेत अन्य क्रांतिकारियों के बलिदान को याद करते हुए कहा कि इन वीरों का सम्मान करना उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। क्रांतिकारियों ने जाति-पाति से ऊपर उठकर राष्ट्र को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।
महापुरुषों की प्रतिमाओं पर किया माल्यार्पण
रानी लक्ष्मीबाई पार्क से शुरू हुई तिरंगा यात्रा टाउनहॉल, गोलघर और यातायात तिराहा होते हुए रेलवे स्टेशन के सामने स्थित महाराणा प्रताप की प्रतिमा तक पहुंची। यहां माल्यार्पण के साथ यात्रा का समापन हुआ।
यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने मार्ग में पड़ने वाली महात्मा गांधी, सरदार वल्लभ भाई पटेल, डॉ. राजेंद्र प्रसाद और महाराणा प्रताप की प्रतिमाओं पर भी माल्यार्पण किया। पूरे मार्ग में विभिन्न धर्मों के लोगों, व्यापारियों, युवाओं और नागरिकों ने हाथों में तिरंगा लेकर भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारे लगाए।