सीएम योगी का सख्त निर्देश: होली से पहले दें सभी कर्मचारियों का वेतन, 3 मार्च को भी रहेगा अवकाश
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के करीब 17 लाख कर्मचारियों के लिए होली से पहले बड़ी खुशखबरी आई है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने 2, 3 और 4 मार्च (सोमवार, मंगलवार और बुधवार) को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। 1 मार्च को रविवार होने के कारण कर्मचारियों को रविवार से बुधवार तक लगातार 4 दिन की छुट्टी मिलेगी। वहीं 28 फरवरी (शनिवार) को कार्यदिवस घोषित किया गया है और इस दिन सभी सरकारी विभाग खुले रहेंगे।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि अंतिम शनिवार 28 फरवरी के बदले 2 मार्च को अवकाश दिया गया है। आदेश जारी होने के बाद सभी विभागों को अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दे दिए गए हैं।
होली से पहले वेतन/मानदेय देने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के सभी कर्मचारियों को होली से पहले हर हाल में वेतन और मानदेय का भुगतान कर दिया जाए। इसमें आउटसोर्सिंग कर्मचारी, संविदाकर्मी और सफाईकर्मी भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि भुगतान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सीएम योगी हाल ही में सिंगापुर और जापान के विदेश दौरे से गुरुवार देर रात लौटे हैं। वापस आते ही उन्होंने त्योहार को देखते हुए यह अहम निर्णय लिया।
पेंशनरों को भी 28 फरवरी तक पेंशन
राज्य कर्मचारियों के साथ-साथ पेंशनरों को भी राहत दी गई है। वित्त विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी कर कहा है कि होली की छुट्टियों को देखते हुए फरवरी माह की पेंशन 28 फरवरी तक हर हाल में जारी कर दी जाए।
बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग से जुड़े विद्यालयों और कार्यालयों में भी त्योहार से पहले वेतन और मानदेय भुगतान के आदेश पहले ही दिए जा चुके हैं। इस संबंध में स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी की ओर से भी निर्देश जारी किए गए हैं।
शिक्षा मित्र और अनुदेशकों को बढ़ा मानदेय
इससे पहले 20 फरवरी को सरकार ने 1.70 लाख शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में वृद्धि का ऐलान किया था। शिक्षा मित्रों को अब 18 हजार रुपए और अनुदेशकों को 17 हजार रुपए प्रतिमाह दिए जाएंगे। पहले शिक्षा मित्रों को 10 हजार और अनुदेशकों को 9 हजार रुपए मिलते थे।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कहा था कि सरकार ने शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों के हित में यह निर्णय लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व सरकार में इन्हें मात्र 3 हजार रुपए मिलते थे, जबकि 2017 में उनकी सरकार ने मानदेय बढ़ाकर 10 हजार रुपए किया था।