कृषि सम्मेलन में बोले CM योगी: लैब से खेत तक पहुंचा इनोवेशन, UP में कृषि विकास दर 18% तक पहुंची
लखनऊ: लखनऊ में आयोजित क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में कृषि क्षेत्र में तेजी से बदलाव हो रहा है और अब नीतियां सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रह गई हैं, बल्कि धरातल पर उतर रही हैं। उन्होंने बताया कि “खेती की बात खेत में” जैसे कार्यक्रमों से किसानों को सीधा लाभ मिला है और उनमें नया उत्साह देखने को मिला है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली बार कृषि इनोवेशन को जमीन पर उतारा गया है, जिससे लैब में हुए शोध सीधे किसानों तक पहुंचे हैं। उन्होंने इसे बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि अब इस मॉडल को और आगे बढ़ाने की जरूरत है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में प्रदेश में 69 कृषि विज्ञान केंद्र बंद होने की कगार पर थे, लेकिन सरकार ने उन्हें पुनर्जीवित किया और अब सभी केंद्र सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। इसी का परिणाम है कि प्रदेश की कृषि विकास दर 8 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
मुख्यमंत्री ने तकनीक को कृषि का सबसे बड़ा निर्धारक बताते हुए नरेंद्र मोदी द्वारा उपलब्ध कराए गए अंतरराष्ट्रीय कृषि केंद्रों की सराहना की। उन्होंने कहा कि समय पर बीज और सही तकनीक मिलने से उत्पादन में बड़ा इजाफा हो सकता है, जिसका उदाहरण प्रदेश में 100 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक की पैदावार है।
उन्होंने प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए बाराबंकी के किसान राम शरण वर्मा का उदाहरण दिया, जो कम शिक्षा के बावजूद आधुनिक और वैज्ञानिक खेती से सफलता हासिल कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे किसानों को चिन्हित कर उनके अनुभव अन्य किसानों तक पहुंचाने की जरूरत है।
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि प्रदेश में किसानों को 10 से 12 घंटे बिजली दी जा रही है, जिससे अब कई जिलों जैसे इटावा, औरैया और कानपुर देहात में किसान तीन फसलें ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि मक्का की खेती से किसान प्रति एकड़ एक लाख रुपये तक कमा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश में गेहूं का उत्पादन 425 लाख मीट्रिक टन और आलू का उत्पादन 245 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया है, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा कि सब्जी और फल उत्पादन में भी प्रदेश ने बड़ी छलांग लगाई है और जल्द ही पोटैटो सेंटर शुरू होने वाला है, जिससे किसानों को और लाभ मिलेगा।