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राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर CM योगी का बड़ा बयान, बोले- दोषियों पर कार्रवाई हो चुकी, पूरे ट्रस्ट को बदनाम करना गलत

 

Lucknow : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चित्रकूट दौरे के दौरान अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले पर विस्तार से अपनी बात रखते हुए कहा कि इस प्रकरण में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है और पूरे ट्रस्ट, अयोध्या तथा प्रभु श्रीराम की विरासत पर सवाल उठाना उचित नहीं है। उन्होंने विपक्ष पर धार्मिक आस्था को आहत करने का आरोप भी लगाया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती का कार्य करीब 150 लोग करते हैं। मंदिर ट्रस्ट ने राज्य सरकार को शिकायत दी थी कि चढ़ावे की राशि में गड़बड़ी की आशंका है और मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित करने का अनुरोध किया था। इसके बाद सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। उन्होंने कहा कि जांच में छह लोग चोरी करते पाए गए, जबकि दो अन्य साजिश में शामिल थे। कुल आठ लोगों के खिलाफ आरोप स्थापित हुए हैं। एसआईटी की रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंपे जाने के बाद ट्रस्ट ने एफआईआर दर्ज कराई और संबंधित आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

सीएम योगी ने कहा कि जब दोषियों पर कार्रवाई हो चुकी है, तब पूरे ट्रस्ट, अयोध्या और प्रभु श्रीराम की विरासत को बदनाम करने का कोई औचित्य नहीं है।

उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि दोनों दलों ने देश की धार्मिक आस्था को आहत करने का ठेका ले लिया है।

चित्रकूट के विकास पर विपक्ष पर साधा निशाना

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों ने चित्रकूट की पहचान को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने आरोप लगाया कि महर्षि वाल्मीकि का आश्रम उपेक्षा का शिकार रहा और चित्रकूट अपनी पहचान के संकट से जूझता रहा।

समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि उसके नेताओं की प्राथमिकता विकास नहीं, बल्कि ठेके, पट्टे और जमीन कब्जाने की राजनीति रही है। उन्होंने कहा कि यदि 2022 में चित्रकूट से भाजपा विधायक चुना गया होता तो आज चित्रकूट भी अयोध्या की तरह विकसित और चमकता नजर आता।

परिवारवाद और आस्था पर भी साधा निशाना

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर परिवारवाद का आरोप लगाते हुए कहा कि सत्ता में आने के बाद पार्टी केवल एक परिवार तक सीमित हो जाती है। उन्होंने कहा कि डॉ. राम मनोहर लोहिया के नाम पर राजनीति करने वाले लोग उनकी विचारधारा पर नहीं चलते। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी ने समाज में विभाजन की राजनीति की है और राम तथा कृष्ण जैसे भारतीय आस्था के प्रतीकों से दूरी बनाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग राम में आस्था नहीं रखते, वे देश की सांस्कृतिक विरासत का सम्मान भी नहीं कर सकते।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने अयोध्या चढ़ावा प्रकरण में सरकार की कार्रवाई का बचाव करते हुए विपक्ष पर धार्मिक आस्था, परिवारवाद और विकास जैसे मुद्दों पर तीखा हमला बोला।