सौ-सौ जूते खाएं, तमाशा... अखिलेश यादव पर भड़के बागी विधायक अभय सिंह
लखनऊ/अयोध्या। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। अयोध्या की गोसाईगंज विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के बागी विधायक अभय सिंह ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती देने वाले अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए अभय सिंह ने कहा कि यह वही स्थिति है, जिसे कहते हैं, 'सौ-सौ जूते खाएं, तमाशा घुसकर देखें।' उन्होंने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी प्रचंड बहुमत के साथ दोबारा सरकार बनाएगी।
14 अक्टूबर को भाजपा में शामिल होंगे अभय सिंह
समाजवादी पार्टी से निष्कासित विधायक अभय सिंह 14 अक्टूबर को भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने वाले हैं। अमेठी के गौरीगंज में प्रस्तावित कार्यक्रम में उनके साथ सपा के बागी विधायक राकेश प्रताप सिंह के भी भाजपा में शामिल होने की संभावना है। इस कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी समेत कई वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की तैयारी है।
भाजपा में शामिल होने से पहले अभय सिंह ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी यह भूल गई है कि अयोध्या में उसे कितने बड़े अंतर से चुनावी हार का सामना करना पड़ा है। उन्होंने अखिलेश की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती को हास्यास्पद बताया।
2027 में भाजपा की सरकार बनने का किया दावा
अभय सिंह ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार हर वर्ग के लिए काम कर रही है और जनता सरकार की नीतियों से खुश है। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगी।
उन्होंने सपा नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष चाहे जितनी बयानबाजी कर ले, लेकिन जनता विकास और जनहित के कार्यों के आधार पर अपना फैसला करेगी।
दिल्ली के विरोध प्रदर्शन पर भी साधा निशाना
दिल्ली में विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' के विरोध प्रदर्शन को लेकर भी अभय सिंह ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष अपनी राजनीतिक सुविधा के अनुसार आंदोलन और विरोध प्रदर्शन का समर्थन करता है।
अभय सिंह ने समाजवादी पार्टी के शासनकाल का जिक्र करते हुए रामपुर तिराहा गोलीकांड और कोठारी बंधुओं की मौत का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा के शासनकाल में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की गई थी। हालांकि, इन ऐतिहासिक घटनाओं को लेकर राजनीतिक जिम्मेदारी से जुड़े उनके आरोप स्वतंत्र रूप से पुष्ट नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के नेताओं को दूसरों पर सवाल उठाने से पहले अपने राजनीतिक इतिहास को भी देखना चाहिए।
सपा सरकार की योजनाओं पर उठाए सवाल
लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय के बाहर नवरात्रि के अवसर पर लगाए गए पोस्टर और उसमें महिलाओं के लिए सपा सरकार द्वारा किए गए कार्यों का उल्लेख किए जाने पर भी अभय सिंह ने सवाल उठाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की सरकार में विकास के नाम पर ऐसी योजनाएं चलाई गईं, जिनका लाभ कुछ विशेष जातियों और समुदायों तक सीमित रहा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तत्कालीन सरकार की योजनाओं का उद्देश्य आम जनता के बजाय पार्टी से जुड़े लोगों को फायदा पहुंचाना था।
विधानसभा चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक हलचल
गौरतलब है कि अभय सिंह ने फरवरी 2024 के राज्यसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में क्रॉस वोटिंग की थी। इसके बाद समाजवादी पार्टी नेतृत्व से उनकी दूरियां बढ़ गई थीं। जून 2025 में उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। अब उनके भाजपा में शामिल होने की तैयारी को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है।