गोरखपुर-शामली ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे किनारे बनेगा इंडस्ट्रियल एरिया, बिजनौर में 1000 हेक्टेयर भूमि की तलाश शुरू
बिजनौर। जिले में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए गोरखपुर-शामली ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के किनारे बड़े इंडस्ट्रियल एरिया की स्थापना की तैयारी शुरू हो गई है। शासन की योजना के तहत करीब 1000 हेक्टेयर यानी 12 से 12.5 हजार बीघा भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा।
इस संबंध में उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) की टीम जल्द ही जिले में संभावित रूटमैप का निरीक्षण करेगी। एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि अधिग्रहण के साथ ही इंडस्ट्रियल एरिया के लिए भी जमीन खरीदी जाएगी। निरीक्षण के दौरान यह तय किया जाएगा कि कौन-सी जगह उद्योग स्थापना के लिए सबसे उपयुक्त रहेगी।
बिजनौर जिला अब तक कृषि प्रधान क्षेत्र के रूप में जाना जाता रहा है। यहां गन्ने की पैदावार प्रदेश में लखीमपुरखीरी के बाद सबसे अधिक होती है। क्षेत्रफल की दृष्टि से भी यह उत्तर प्रदेश के बड़े जिलों में शामिल है। हालांकि अब जिले में उद्योगों की संभावनाएं भी तेजी से बढ़ रही हैं। एक विदेशी कंपनी द्वारा यहां पोटेटो फ्लैक्स बनाने की यूनिट संचालित की जा रही है और अन्य बड़ी इकाइयों के आने की भी संभावना जताई जा रही है।
भौगोलिक रूप से बिजनौर उत्तराखंड और दिल्ली-एनसीआर के बीच स्थित है। पहले बेहतर सड़क संपर्क न होने के कारण उद्योगपतियों का रुझान कम था, लेकिन अब जिले में सड़क नेटवर्क मजबूत हो रहा है। मेरठ-पौड़ी नेशनल हाईवे का फोरलेन निर्माण जारी है, काशीपुर नेशनल हाईवे पूरा हो चुका है। इसके अलावा जिले से गंगा एक्सप्रेस-वे और गोरखपुर-शामली ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे भी गुजरेंगे। गोरखपुर-शामली एक्सप्रेस-वे जिले के 131 गांवों के बीच से होकर निकलेगा और इसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द शुरू होने की उम्मीद है।
शासन ने एक्सप्रेस-वे के साथ-साथ इंडस्ट्रियल एरिया के लिए भी भूमि खरीद की जिम्मेदारी यूपीडा को सौंपी है। लगभग 1000 हेक्टेयर में विकसित होने वाले इस औद्योगिक क्षेत्र में बिजली, पानी, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
जिले में लंबे समय से एनसीआर और उत्तराखंड के उद्यमी भूमि की तलाश में हैं, लेकिन औद्योगिक क्षेत्र न होने से योजनाएं अटकी हुई थीं। एक्सप्रेस-वे के किनारे इंडस्ट्रियल एरिया बनने से माल के आवागमन में सुविधा मिलेगी और निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा।
उपायुक्त उद्योग अमित कुमार ने बताया कि जिले में इंडस्ट्रियल एरिया के लिए भूमि की तलाश की जा रही है और एक-दो स्थान चिन्हित भी किए गए हैं। जल्द ही यूपीडा की टीम निरीक्षण कर अंतिम निर्णय लेगी।