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UP में क्राइम कंट्रोल का हाईटेक प्लान, हर जिले में तैनात होंगे क्राइम सीन एक्सपर्ट

 

Lucknow : उत्तर प्रदेश में अपराध नियंत्रण को और प्रभावी बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पुलिस व्यवस्था को तकनीकी और वैज्ञानिक आधार देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। इसके तहत उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस (यूपीएसआईएफएस) में बड़े पैमाने पर क्राइम सीन एक्सपर्ट तैयार किए जा रहे हैं।

संस्थान में पांच चरणों में कुल 500 विशेषज्ञों को प्रशिक्षित करने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है। अब तक 300 विशेषज्ञ तैयार किए जा चुके हैं, जबकि शेष दो बैचों का प्रशिक्षण जल्द पूरा होने की उम्मीद है।

पूरे प्रदेश में फैलेगा प्रशिक्षण का नेटवर्क

इस पहल की खास बात यह है कि प्रशिक्षित अधिकारी अपने-अपने जिलों और कमिश्नरेट में जाकर अन्य पुलिसकर्मियों को भी प्रशिक्षित करेंगे। इससे पूरे प्रदेश में फॉरेंसिक पुलिसिंग का एक मजबूत नेटवर्क तैयार होगा।

वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में ये विशेषज्ञ वर्कशॉप के माध्यम से आरक्षी से लेकर निरीक्षक स्तर तक के पुलिसकर्मियों को क्राइम सीन मैनेजमेंट, साइबर फॉरेंसिक, डिजिटल साक्ष्य संरक्षण और वैज्ञानिक जांच की तकनीकों की ट्रेनिंग देंगे।

घटनास्थल पर सटीक जांच पर जोर

प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को आधुनिक तकनीकों जैसे डिजिटल एविडेंस प्रिजर्वेशन, साइबर ट्रैकिंग, वैज्ञानिक सैंपलिंग और फॉरेंसिक एनालिसिस की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि घटनास्थल पर पहुंचते ही हर साक्ष्य को सुरक्षित और वैज्ञानिक तरीके से जांचा जा सके।

फॉरेंसिक पुलिसिंग को मिलेगी नई धार

संस्थान के संस्थापक निदेशक डॉ. जी.के. गोस्वामी के अनुसार, अब तक तीन बैचों के माध्यम से पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है, जबकि चौथा बैच 27 अप्रैल से शुरू होगा। इसके बाद पांचवें चरण में शेष विशेषज्ञों को तैयार किया जाएगा।

सरकार की इस पहल से प्रदेश में फॉरेंसिक आधारित पुलिसिंग को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है, जिससे कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जा सकेगा।