न्याय की मांग लेकर DIG कार्यालय पहुंचीं इकरा हसन, पुलिस थाने ले गई; बोलीं- ये लोकतंत्र की हत्य
सहारनपुर: उत्तर प्रदेश के कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन मंगलवार को कश्यप समाज के युवक मोनू कश्यप की हत्या के मामले में सहारनपुर स्थित डीआईजी कार्यालय पहुंचीं। इस दौरान पुलिस और सांसद के बीच तीखी बहस हो गई। विवाद बढ़ने पर पुलिस इकरा हसन को थाने ले गई, हालांकि कुछ देर बाद उन्हें छोड़ दिया गया।
सांसद इकरा हसन ने आरोप लगाया कि मृतक युवक की बुजुर्ग मां के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार अपनी बात रख रहा था, लेकिन डीआईजी बैठक का हवाला देकर वहां से चले गए, जिसका उन्होंने विरोध किया। विरोध बढ़ने पर डीआईजी कार्यालय के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
इकरा हसन ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक जनप्रतिनिधि को पीड़ित परिवार के साथ न्याय की मांग उठाने पर थाने ले जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने इसे “लोकतंत्र की हत्या” बताया। सांसद को थाने ले जाने की सूचना मिलते ही समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता महिला थाने की ओर रवाना हो गए। बाद में पुलिस ने इकरा हसन को छोड़ दिया।
दरअसल, मामला शामली जिले के कांधला थाना क्षेत्र के पंजोखर श्मशान घाट के पास का है। 23 अप्रैल की सुबह 25 वर्षीय मोनू कुमार कश्यप गंभीर हालत में मिला था। उसका एक पैर कटा हुआ था और वह बेहोश था। युवक को इलाज के लिए मेरठ के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
मृतक की पहचान जसाला गांव निवासी राजवीर सिंह के बेटे मोनू कुमार कश्यप के रूप में हुई थी। परिजनों ने गांव के कुछ लोगों पर हत्या की आशंका जताई थी। इस घटना के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया और 27 अप्रैल को लोगों ने शामली एसपी कार्यालय का घेराव भी किया था। अब इस मामले में राजनीति तेज हो गई है और सांसद इकरा हसन के डीआईजी कार्यालय पहुंचने के बाद मामला और गरमा गया है।