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भाषा पर संयम रखें, किसी की भावना आहत न हो… अखिलेश यादव ने सपा नेताओं को दी सख्त हिदायत
 

 

लखनऊ I Akhilesh Yadav ने आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच पार्टी सांसदों, विधायकों और वरिष्ठ नेताओं को अपनी भाषा और आचरण पर नियंत्रण रखने के निर्देश दिए हैं। सपा मुखिया ने साफ कहा कि कोई भी नेता या कार्यकर्ता ऐसी टिप्पणी न करे, जिससे किसी जाति, धर्म, वर्ग या समुदाय की भावनाएं आहत हों।

शुक्रवार को लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय में अलग-अलग जिलों से आए कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ बैठक के दौरान अखिलेश यादव ने चुनावी रणनीति पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने पार्टी नेताओं को अलर्ट मोड में काम करने और विवादित बयानबाजी से बचने की नसीहत दी।

अखिलेश यादव ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव लोकतंत्र की “अग्निपरीक्षा” हैं, इसलिए सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को अपनी भाषा और व्यवहार में संयम बरतना होगा। उन्होंने पार्टी के पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) फॉर्मूले पर जोर देते हुए कहा कि भाजपा के खिलाफ प्रदेश में पीडीए समाज एकजुट है और इस एकता को बनाए रखना बेहद जरूरी है।

सपा प्रमुख के ये निर्देश ऐसे समय में आए हैं, जब पार्टी के कुछ नेताओं के बयान विवादों में घिर गए हैं। हमीरपुर-महोबा सीट से सपा सांसद Ajendra Singh Lodhi प्रधानमंत्री Narendra Modi पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर विवादों में हैं। इस मामले में उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है।

वहीं, सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता Rajkumar Bhati द्वारा ब्राह्मण समाज पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर भी नाराजगी देखने को मिली। इस मुद्दे पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी थी। भाजपा नेताओं ने भाटी के खिलाफ विभिन्न थानों में शिकायतें दर्ज कराई हैं।