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Makar Sankranti की तिथि क्यों बदलती है? 2080 तक 15 जनवरी को ही मनाई जाएगी संक्रांति

मकर संक्रांति पर सूर्य 14 जनवरी की रात 9:39 बजे मकर राशि में प्रवेश करेंगे। ज्योतिषीय गणना के अनुसार वर्ष 2080 तक मकर संक्रांति 15 जनवरी को ही मनाई जाएगी।

 

Makar Sankranti 2026: ग्रहों के राजा सूर्यदेव 14 जनवरी की रात 9:39 बजे धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे। इसी के साथ मकर संक्रांति का पर्व आरंभ होगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस बार संक्रांति का पुण्यकाल लगभग 16 घंटे रहेगा, जो 15 जनवरी को सूर्योदय के बाद दोपहर तक मान्य होगा।

ज्योतिषविद् आचार्य दैवज्ञ कृष्ण शास्त्री के अनुसार, खगोलीय और ज्योतिषीय गणनाओं को देखें तो वर्ष 2080 तक मकर संक्रांति 15 जनवरी को ही मनाई जाएगी। इसके बाद सूर्य के राशि परिवर्तन के समय में होने वाले वार्षिक विलंब के कारण यह पर्व एक दिन आगे बढ़कर 16 जनवरी को मनाया जाएगा।

सूर्य के प्रत्येक राशि परिवर्तन में हर वर्ष लगभग 20 मिनट की देरी होती है। इस प्रकार तीन वर्षों में यह अंतर एक घंटे और 72 वर्षों में पूरे 24 घंटे यानी एक दिन का हो जाता है। सूर्य और चंद्रमा मार्गीय ग्रह हैं, जो पीछे नहीं चलते, इसलिए उनकी संक्रांति की तिथि हर 72 वर्ष में एक दिन आगे खिसक जाती है।

इतिहास पर नजर डालें तो वर्ष 1936 से मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाई जा रही थी। इससे पहले 1864 से 1936 तक 13 जनवरी और 1792 से 1863 तक 12 जनवरी को यह पर्व मनाया जाता था। उल्लेखनीय है कि 12 जनवरी 1863 को स्वामी विवेकानंद का जन्म हुआ था और उस दिन भी मकर संक्रांति का पर्व था।

इस वर्ष मकर संक्रांति वृद्धि योग, शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि, ज्येष्ठा नक्षत्र और गुरुवार के संयोग में मनाई जाएगी। आचार्य कृष्ण शास्त्री के अनुसार, मकर संक्रांति के दिन साधारण नदी भी गंगा के समान पुण्यदायिनी मानी जाती है। सनातन धर्म में इस दिन स्नान और दान का विशेष महत्व है। श्रद्धालु अपनी राशि के अनुसार दान कर पुण्य लाभ प्राप्त कर सकते हैं।


मकर संक्रांति पर अब 15 जनवरी को सार्वजनिक अवकाश 

राज्य सरकार ने पहली बार मकर संक्रांति पर 15 जनवरी को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। पहले मकर संक्रांति के अवसर पर 14 जनवरी को निर्बंधित अवकाश घोषित किया गया था, अब सार्वजनिक अवकाश होने से गुरुवा को सचिवालय सहित बैंक आदि भी बंद रहेंगे। इस संबंध में प्रमुख सचिव सामान्य प्रशासन एसवीएस रंगा राव की ओर से जारी आदेश के मुताबिक वर्ष 2026 के अवकाश संबंधी पिछले वर्ष 17 नवंबर को जारी सूची की संशोधित करते हुए मकर संक्रांति के अवकाश में बदलाव किया गया है।

राशि अनुसार दान सूची (मकर संक्रांति 2026)

मेष (Aries)

गुड़, लाल वस्त्र, तिल और तांबे का दान करें।

वृषभ (Taurus)

चावल, दूध, सफेद मिठाई और वस्त्र दान शुभ रहेगा।

मिथुन (Gemini)

हरी मूंग, हरा वस्त्र, किताबें या लेखन सामग्री दान करें।

कर्क (Cancer)

दूध, चावल, शक्कर और सफेद वस्त्र दान करें।


सिंह (Leo)

गुड़, गेहूं, तांबा, सूर्य को अर्घ्य दें।

कन्या (Virgo)

अनाज, हरी सब्जियां, दाल और वस्त्र दान करें।

तुला (Libra)

सफेद वस्त्र, चावल, इत्र या सुगंधित वस्तुएं दान करें।

वृश्चिक (Scorpio)

तिल, उड़द दाल, कंबल या गर्म कपड़े दान करें।

धनु (Sagittarius)

पीली दाल, हल्दी, केले और धार्मिक पुस्तकें दान करें।

मकर (Capricorn)

तिल, काले वस्त्र, लोहे की वस्तुएं दान करना शुभ रहेगा।

कुंभ (Aquarius)

काले तिल, कंबल, सरसों का तेल और वस्त्र दान करें।

मीन (Pisces)

पीले वस्त्र, चने की दाल, मिठाई और फल दान करें।