UP में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाना हुआ महंगा, योगी सरकार ने 10 गुना तक बढ़ाई फीस
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की सरकार ने जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने की फीस में बड़ा इजाफा कर दिया है। नए सरकारी आदेश के बाद प्रदेश के सभी नगर निगमों और स्थानीय निकायों को संशोधित शुल्क लागू करने तथा लोगों से नई दरों के अनुसार शुल्क वसूलने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
सरकार ने जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए श्रेणीवार शुल्क निर्धारित किया है। सामान्य आवेदन, विलंब से किए गए आवेदन और एक वर्ष से अधिक पुराने रिकॉर्ड से संबंधित प्रमाण पत्रों के लिए अलग-अलग फीस तय की गई है।
नई व्यवस्था के तहत सामान्य आवेदन के लिए अब 20 रुपये शुल्क देना होगा। इससे पहले यह शुल्क मात्र 2 रुपये था। यानी सामान्य श्रेणी की फीस में 10 गुना वृद्धि की गई है।
वहीं, निर्धारित समय सीमा के बाद आवेदन करने या विशेष श्रेणी के प्रमाण पत्र बनवाने पर अब 50 रुपये शुल्क देना होगा। पहले इसके लिए केवल 5 रुपये चुकाने पड़ते थे।
सबसे अधिक असर उन लोगों पर पड़ेगा, जिन्हें एक वर्ष से अधिक पुराने जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र की आवश्यकता होगी। ऐसे मामलों में अब 100 रुपये शुल्क देना होगा, जबकि पहले यह शुल्क 10 रुपये था।
जन्म प्रमाण पत्र स्कूल में प्रवेश, आधार कार्ड, पासपोर्ट बनवाने तथा आयु और नागरिकता के कानूनी प्रमाण के रूप में आवश्यक होता है। वहीं मृत्यु प्रमाण पत्र बैंक खाते बंद कराने, बीमा दावे के निपटान, संपत्ति के उत्तराधिकार, पेंशन और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए जरूरी दस्तावेज माना जाता है।