2027 चुनाव से पहले मायावती का बड़ा ऐलान, बोलीं- टिकट तय करने का अधिकार सिर्फ मेरे पास
Lucknow : बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच पार्टी में आकाश आनंद की भूमिका को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी आकाश आनंद निभाएंगे, लेकिन उम्मीदवारों के चयन का अंतिम अधिकार केवल उनके पास ही रहेगा।
मायावती ने सोशल मीडिया पर जारी छह बिंदुओं वाले बयान में कहा कि अब तक वह स्वयं करीब दो दर्जन से अधिक संभावित उम्मीदवारों का इंटरव्यू लेकर उन्हें अंतिम रूप दे चुकी हैं और प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर टिकट देने का फैसला भी वही करेंगी।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि उम्मीदवार तय करने में आकाश आनंद की भूमिका है, जबकि इसमें "रत्ती भर भी सच्चाई नहीं" है।
10 अगस्त से चुनावी अभियान शुरू करेंगे आकाश आनंद
बसपा की ओर से राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद 10 अगस्त को हाथरस की सादाबाद विधानसभा सीट से चुनावी अभियान की शुरुआत करेंगे। इसके बाद 25 अगस्त को जेवर में भी उनकी बड़ी जनसभा प्रस्तावित है। मायावती ने स्पष्ट किया कि आकाश पहले से तय उम्मीदवारों के नाम घोषित करेंगे, न कि उनका चयन।
'कद बढ़ाने या घटाने का सवाल नहीं'
मायावती ने कहा कि आकाश आनंद पिछले एक वर्ष से देशभर में संगठनात्मक बैठकों और जनसभाओं में उनकी ओर से भेजे जा रहे हैं और यह पार्टी की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। इसका उनके राजनीतिक कद को बढ़ाने या घटाने से कोई संबंध नहीं है।
उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे "शरारती और जातिवादी तत्वों" के प्रचार से सावधान रहने की भी अपील की।
पहले भी चर्चा में रहे हैं आकाश आनंद
आकाश आनंद को लेकर मायावती के फैसले पहले भी कई बार सुर्खियों में रहे हैं। लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान उन्हें स्टार प्रचारक बनाया गया, लेकिन बाद में प्रचार से हटा दिया गया। फिर जून 2024 में उन्हें दोबारा राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर और राजनीतिक उत्तराधिकारी घोषित किया गया। बाद में पार्टी से बाहर किया गया, लेकिन अप्रैल 2025 में माफी मांगने के बाद उनकी वापसी हुई और उन्हें फिर राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई।
2027 की रणनीति क्या कहती है?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बसपा की मौजूदा रणनीति दोहरे संदेश देती है। एक ओर पार्टी युवा चेहरा बनाकर आकाश आनंद को आगे बढ़ा रही है, वहीं दूसरी ओर मायावती यह भी स्पष्ट कर रही हैं कि संगठन, नेतृत्व और टिकट वितरण पर अंतिम नियंत्रण अभी भी उनके हाथ में ही रहेगा।