मायावती की आंखें हुईं नम! बोलीं- उमा शंकर ने कभी साथ नहीं छोड़ा, बेटे को लेकर कर दिया बड़ा ऐलान
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने दिवंगत विधायक उमा शंकर सिंह के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उनके परिवार से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया। इस दौरान मायावती भावुक नजर आईं। उन्होंने कहा कि "भाई तो बहुत बने, लेकिन उमा शंकर सिंह ने कभी मेरा साथ नहीं छोड़ा।" उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया कि बसपा उनके साथ हर कदम पर खड़ी रहेगी और यदि परिवार की इच्छा होगी तो उमा शंकर सिंह के बेटे को राजनीति में आगे बढ़ाया जाएगा।
मायावती ने कहा कि उमा शंकर सिंह ने बसपा से जुड़ने के बाद पूरी ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ पार्टी की सेवा की। उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र के साथ-साथ समाज के लिए भी पूरी लगन से काम किया और हमेशा पार्टी के प्रति वफादार रहे।
"पार्टी के सच्चे समर्पित नेता थे"
मायावती ने कहा कि उमा शंकर सिंह बसपा के सच्चे और समर्पित नेताओं में से एक थे। उन्होंने कहा कि लंबी बीमारी के बाद उनके निधन की खबर बेहद दुखद है। इस कठिन समय में उनकी संवेदनाएं परिवार और सभी शुभचिंतकों के साथ हैं।
"मुझे अपनी सगी बहन मानते थे"
मीडिया से बातचीत के दौरान मायावती ने भावुक होकर कहा कि उमा शंकर सिंह उन्हें अपनी सगी बहन मानते थे। उन्होंने बताया कि हर साल रक्षाबंधन पर वे स्वयं उनके घर आकर राखी बंधवाते थे। बीमारी के दौरान भी वे उनका हालचाल जानने उनके आवास पर आते रहे।
मायावती ने कहा कि सरकारें बदलीं, राजनीतिक परिस्थितियां बदलीं, लेकिन उमा शंकर सिंह ने कभी पार्टी के साथ विश्वासघात नहीं किया। उन्होंने उनके जीवन को ईमानदारी और समर्पण की मिसाल बताया।
बेटे को राजनीति में मिलेगा सम्मान
बसपा प्रमुख ने परिवार को आश्वस्त करते हुए कहा कि पार्टी उनके पूरे परिवार का ध्यान रखेगी। उन्होंने कहा कि यदि परिवार चाहेगा तो उमा शंकर सिंह के बेटे को पार्टी में उचित सम्मान दिया जाएगा और उन्हें राजनीति में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।